पेपर एंड पल्प इंडस्ट्रीज कर रहीं वृहद पैमाने पर पौधरोपण की तैयारियां

  • आयात पर निर्भरता घटाने के प्रयास हुए तेज

रायपुर। कागज और लुगदी संकट ने एक बार फिर से यूकेलिप्टस की ओर ध्यान खींचा है। आयात पर निर्भरता खत्म करने की दिशा में वानिकी वृक्ष की यह प्रजाति, कागज उत्पादन इकाइयों की नजर में है और कोशिश की जा रही है कि आगत बारिश में पहले इसका पौध रोपण वृहद स्तर पर किया जा सके।

रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग के बीच कई तरह के संकट देखने में आ रहे हैं। यह संकट अब ऐसे क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है, जिसकी कल्पना भी नहीं थी। यह क्षेत्र कागज और लुगदी का है जिसका आयात दुनिया को बंद हो चुका है। असर कागज, कॉपी और किताबों की कीमत में रिकॉर्ड वृद्धि के रूप में सामने है। अपने देश में यह महीना शैक्षणिक गतिविधियों के लिए शुरुआती महीना माना जाता हैं। इसलिए तेजी इस क्षेत्र में हाहाकार मचा रही है। अच्छी खबर यह है कि पल्प और पेपर आयात पर निर्भरता खत्म करने के लिए यूकेलिप्टस के पेड़ की मदद लिए जाने के प्रयास चालू होने वाले हैं। जो बरसों से कागज उत्पादन इकाइयों का भरोसेमंद साथी रहा है।

ऐसा है यूकेलिप्टस

देश में सागौन के बाद यूकेलिप्टस सबसे ज्यादा लगाई जाने वाली प्रजाति है। उत्तर पूर्व के हिस्से को छोड़कर यह सभी हिस्से में मिलता है। प्रकाश पसंद करने वाली यह प्रजाति किसी भी प्रकार की भूमि में तैयार हो जाती है। बीज के साथ कलम पद्धति से भी इसके पौधे तैयार किए जा सकते हैं। कटाई- छटाई की जरूरत इसे नहीं होती क्योंकि अवांछित टहनियां यह पेड़ खुद अलग कर देता है।

उत्पादन और उपयोग

वानिकी वैज्ञानिकों के अनुसार कागज और लुगदी के लिए इसे 4 वर्ष की उम्र में काटा जा सकता है। जबकि प्लाईवुड के लिए सही उम्र 6 से 8 वर्ष मानी गई है। उपयोग के लिए यदि मानक उम्र का पालन किया जाए तो अनुमानित उत्पादन 60 से 70 टन प्रति हेक्टेयर मिलता है। औसत बढ़वार इस अवधि में 50 से 60 घनमीटर प्रति हैक्टेयर प्रतिवर्ष हासिल की जा सकती है। रिसर्च में इसे प्रमाणित भी पाया गया है।

आयात है बंद

अपने देश में कागज और लुगदी की मांग पूरी करने के लिए बंगला देश,इंडोनेशिया, चीन और ब्राजील से इसका आयात किया जाता है लेकिन रुस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बाद आयात के रास्ते बंद हैं। इसलिए देश में, यह उद्योग और इसका बाजार तेजी की आंच में झुलस रहा है।आपदा को अवसर मानकर आगत बारिश में वृहद पैमाने पर यूकेलिप्टस के पौधरोपण की योजना पेपर इंडस्ट्रीज द्वारा बनाए जाने की खबरें मिल रहीं हैं।

संकट में यह भी

पेपर और लुगदी का आयात बंद होने से प्लायवुड, पेपर बॉक्स, पैलेट,ब्लैक मोल्डिंग और स्केफॉल्ड इंडस्ट्रीज भी संकट में हैं। बताते चलें कि यह सभी ऐसी इकाइयां हैं जो दैनिक उपयोग की वस्तुओं की पहुंच बाजार तक आसान बनातीं हैं। नए प्रयास से उद्योगों में भी अच्छी पहल के संकेत मिल रहे हैं।

तेजी से बढ़ता है

पेपर और लुगदी संकट ने वैश्विक उद्योग जगत का ध्यान यूकेलिप्टस ने अपनी ओर खींचा है। यह तेजी से बढ़ने वाली लकड़ी का प्रमुख स्रोत है। लकड़ियां जहां बहुतेरे उद्योग की मांग पूरा करने में सक्षम हैं तो इससे मिलने वाले तेल को प्राकृतिक कीटनाशक के तौर पर प्रमाणित पाया गया है।

  • डॉ अजीत विलियम्स, साइंटिस्ट, फॉरेस्ट्री, टीसीबी कॉलेज ऑफ एग्री एंड रिसर्च स्टेशन, बिलासपुर