आटा, सूजी और मैदा ने लगाई छलांग

भाटापारा। गेहूं में नई फसल की आवक चालू हो चुकी है लेकिन नीलामी में जो भाव खुले ,उसने कारोबारियों के होश उड़ा कर रख दिए। रकबा कम होने और इंपोर्ट की सप्लाई लाइन बंद होने के बाद घरेलू मांग से न केवल नए सौदे, ऊंचे में हुए बल्कि आटा, सूजी और मैदा के भी दाम बढ़ा दिए हैं। तेजी दीर्घकालीन बने रहने की आशंका जताई जा रही है।

अनिवार्य खाद्य सामग्री में गेहूं, आटा, सूजी और मैदा में बढ़त लगातार हो रही है। चालू कारोबारी सप्ताह में ही यह सभी सह- उत्पाद प्रति 25 किलो के पैक 70 रुपए महंगे हो गए हैं। तेजी की आशंका इसलिए बरकरार है क्योंकि रूस और यूक्रेन के बीच जंग की वजह से सप्लाई लाइन बाधित हो चुकी है। घरेलू क्षेत्र में इस बार फसल संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। लिहाजा इसमें गर्मी के दिन आगे भी बने रहेंगे।

70 रुपए की गर्मी

इंपोर्ट पर ब्रेक। कमजोर घरेलू उत्पादन। त्यौहार का सीजन। इन तीन कारक ने मिलकर किचन का बजट बिगाड़ कर रख दिया है। भरपूर डिमांड से आटा का 25 किलो का पैक 720 रुपए पर पहुंच चुका है। इसके पहले यह 650 रुपए पर था। सूजी में भी 70 रुपए की तेजी के बाद नई कीमत 720 रुपए बताई जा रही है। मैदा में गर्मी के बाद सौदे 720 रुपए पर हो रहे हैं। बताते चलें कि गेहूं की नई फसल में आवक चालू हो चली है। पहली आवक 2000 से 2200 रुपए पर नीलाम हुई।

गुड गर्म, शक्कर शांत

शीत ऋतु में मांग पर रहने वाला गुड़ अभी भी मजबूत मौजूदगी दिखा रहा है। लिहाजा यह 4000 रुपए क्विंटल पर जमा हुआ है। अलबत्ता शक्कर, सीजन के बावजूद अभी भी शांत है। इसमें कोल्ड ड्रिंक्स, होटल और घरेलू मांग के बावजूद बिकवाली 3600 रुपए क्विंटल पर हो रही है। फिलहाल तेजी के संकेत नहीं हैं क्योंकि घरेलू मांग स्थिर बताई जा रही है।

आवक नई फसल की

कृषि उपज मंडी में रबी फसल की आवक होने लगी है। सरसों की नई फसल में नीलामी 6500 रुपए क्विंटल पर हो रही है, तो बटरी में सौदे 4500 रुपए क्विंटल पर हो रहे हैं। अरहर की आवक जैसी है, उसके बाद इसमें 5000 से 5500 रुपए क्विंटल पर नीलामी की खबर है। चना की नई फसल में सौदे 4200 से 4500 रुपए क्विंटल पर होने की खबर है।