जैव कीटनाशक, जैव फफूंदनाशी एवं जैव उर्वरकों के उपयोग पर कृषक संगोष्ठी संपन्न
बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर का आयोजन
बिलासपुर। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर में रायपुर जिले के कृषको हेतु “जैव कीटनाशक, जैव फफूंदनाशी एवं जैव उर्वरकों के उपयोग” पर एक दिवसीय कृषक संगोष्ठी एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया।
डॉ. आर.के.एस. तिवारी ने स्वागत उद्बोधन में कहा बताया महाविद्यालय के अंतर्गत राज्य जैव नियंत्रण प्रयोगशाला इकाई द्वारा विभिन्न प्रकार के जैव कीटनाशक, जैव फफूंदनाशक एवं जैव उर्वरक तैयार किए जा रहे हैं। जैव कीटनाशक एवं फफूंदनाशक रोग एवं कीट को खत्म करने के साथ-साथ भूमि की उर्वरता भी बढ़ाते हैं । जिसका उपयोग कर किसान ना केवल रासायनिक उत्पाद के उपयोग को कम कर खर्च बचा रहे हैं, बल्कि पर्यावरण का संरक्षण एवं संवर्धन भी कर रहे हैं । कृषकों की मांग पर भविष्य में कृषक समूह बनाकर इन उत्पादों को तैयार करने की तकनीक पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्य अतिथि वल्लरी चंद्राकर ने कहा कि राज्य जैव नियंत्रण प्रयोगशाला अच्छा कार्य कर रहा है, बाजार में नकली जैव उत्पादों की भरमार है। जिससे किसानों को नुकसान ज्यादा हो रहा है। इस दिशा में राज्य नियंत्रण प्रयोगशाला गुणवत्ता युक्त उत्पाद उपलब्ध करा रहा है, जो जिले के किसानों के लिए लाभदायक है।
सब्जी उत्पादक किसानों की समस्या दूर करना जरूरी
आनंद मिश्रा ने कहा किसान संगठित होकर कृषि कार्य करें । आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर अपनी उत्पादकता को बढ़ाएं। विशेष रुप से सब्जी उत्पादकों की समस्या को राज्य स्तर पर पहल कर दूर करना आवश्यक है, जिससे उन्हें अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके, उपभोक्ताओं को भी वह महंगा ना पड़े। कृषक संगोष्ठी के तकनीकी सत्र में डॉ. अनिल कोटस्थाने ने इंदिरा गांधी कृषि विद्यालय, रायपुर में पादप रोग विभाग द्वारा किए जा रहे अनुसंधान कार्यों से किसान भाइयों को अवगत कराया एवं चने में उकठा रोग के प्रबंधन पर जानकारी दी।
जैव फफूंदनाशी व जैव कीटनाशकों की दी जानकारी
पादप रोग वैज्ञानिक डॉ. विनोद कुमार निर्मलकर ने राज्य नियंत्रण प्रयोगशाला में उत्पादित जैव फफूंदनाशी व जैव कीटनाशकों के बारे में जानकारी दी। मृदा वैज्ञानिक डॉ. प्रमेंद्र कुमार केसरी ने कृषि में जैव उर्वरकों के महत्व एवं उपयोगिता के बारे में बताया ।तकनीकी सत्र की समाप्ति के बाद कृषकों ने चोरभट्टी स्थित राज्य नियंत्रण प्रयोगशाला का भ्रमण कर किए जा रहे अनुसंधान कार्यों से अवगत हुए । आयोजन में रायपुर जिले के 50 प्रगतिशील कृषकों ने सहभागिता की। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय के प्राध्यापक व वैज्ञानिक उपस्थित थे।

