जिला हम बनाएंगे, कहने वाली राजनीतिक पार्टियों से मांग

भाटापारा। ‘जिला हम ही बनाएंगे’ कहने वाली राजनीतिक पार्टियों से विनम्र आग्रह… पहले अपने संगठन में जिला प्रमुख के पद पर भाटापारा को जगह दें। आग्रह थोड़ा विचलित कर सकता है लेकिन यकीन मानिए, यह काम उस भरोसा बहाली की ओर पहला कदम होगा, जिसे आप लगभग खो चुके हैं।

जिला निर्माण के मुद्दे को लेकर सड़क की लड़ाई लड़ रही, जिला निर्माण संघर्ष समिति के पास पहुंच रहे सुझावों में से यह सुझाव चौंकाने वाला है। कहा यह जा रहा है कि राजनीतिक पार्टियों को पहली शुरुआत अपने संगठन से ही करनी होगी। जिला प्रमुख के पद पर जितने भी चेहरे हैं, उनमें भाटापारा को जिस तरह दरकिनार किया गया है, वह प्रमाण है कि शहर की अहमियत कितनी है ?
इसलिए संगठन में

इसलिए संगठन में

जिला निर्माण संघर्ष समिति के पास पहुंच रहे सुझाव में यह स्पष्ट किया गया है कि राजनीतिक पार्टियों ने अपने संगठन प्रमुख के पद की जिम्मेदारी से शहर को पूरी तरह अलग रखा हुआ है। यदि पार्टियों ने यह पद शहर के जिम्मे दी होतीं तो न केवल आमजन का भरोसा बना रहता बल्कि जिला निर्माण के लिए लड़ी जा रही लड़ाई को मजबूती भी मिलती, लेकिन यहां भी शहर उपेक्षा का शिकार हुआ।

सहमत हैं सब

पहले रायपुर, अब बलौदा बाजार। दूरी जरूर कम हुई है लेकिन परेशानी यथावत बनी हुई है। इसे समय और अर्थ दोनों से जोड़कर देखा जा रहा है। इसलिए कारोबार का क्षेत्र भी इस मांग से सहमत है। विचार-विमर्श के दौरान परेशानी जिन शब्दों में साझा की जा रही है, उनमें यही जानकारी मिलती है कि राजनीतिक पार्टियों का ईमानदार साथ, अभी भी दूर है। इससे नौकरी पेशा और आमजन भी सहमत हैं।रणनीति में शामिल

रणनीति में शामिल

सुझाव और विचार विमर्श के बाद अब जिला निर्माण संघर्ष समिति ने सभी प्रमुख पार्टियों से विनम्र आग्रह किया है कि संगठन में जिला प्रमुख के पद पर भाटापारा को जगह दी जाए, ताकि जिला निर्माण की मांग, पार्टी के शीर्ष स्तर तक पहुंचाई जा सके और शहर को उसका हक मिले, जिसका हकदार वह है।