यूज्ड कुकिंग ऑयल से बनेगा बायोडीजल

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की ‘रुको’ लॉन्च

बिलासपुर। खाद्य पदार्थ बनाने वाली इकाइयों को, कुकिंग आयल को नया-पुराना करने की दिक्कत से बहुत जल्द निजात मिलने जा रही है। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, ‘रुको’ के नाम से एक ऐसी योजना लेकर उन तक पहुंच रहा है, जिसकी मदद से उपयोग हो चुके खाद्य तेल से बायोडीजल बनाया जा सकेगा।

होटल और स्वीट कॉर्नर के अलावा खाद्य सामग्री का निर्माण करने वालों के लिए उपयोग किए गए खाद्य तेल समस्या बनते रहे हैं। निपटान की न्याय संगत व्यवस्था नहीं होने से, उपयोग के बाद, बचे तेल में ही नया तेल मिलाने के सिवाय दूसरा उपाय नहीं था। जांच में कार्रवाई का सामना से भी परेशानी थी। अब इन सभी परेशानियों से ना केवल छुटकारा मिलने जा रहा है बल्कि उपयोगहीन तेल को बेचकर पैसे भी हासिल किए जा सकेंगे क्योंकि विकसित, नई तकनीक की मदद से रि-यूज्ड कुकिंग ऑयल से बायोडीजल का बनाया जाना संभव हो गया है।

यह है फेसाई का ‘रुको’

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने जो नई योजना लॉन्च की है, उसे ‘रुको’ के नाम से जाना जाएगा। योजना के तहत जिस खाद्य तेल से बायोडीजल बनाया जाएगा, उसे तीन से ज्यादा बार उपयोग किया हुआ नहीं होना चाहिए। इसमें टोटल पोलर कंपाउंड की स्वीकार्य मात्रा 25 प्रतिशत तय की गई है क्योंकि इससे ज्यादा मात्रा, बायोडीजल की मानक को प्रभावित कर सकता है।

इसलिए ‘रुको’

प्राधिकरण की नई योजना, ‘रुको’ के पीछे जो उद्देश्य है, उसके अनुसार तीन बार के उपयोग के बाद ,खाद्य तेल की मानक गुणवत्ता खराब हो जाती है। इसकी वजह से स्वास्थ्यगत बीमारियों की आशंका बनने लगती है। जिन बीमारियों की आशंका है, उनमें उच्च रक्तचाप, अल्जाइमर के अलावा कुछ अन्य बीमारियां मुख्य हैं।

महाराष्ट्र में चालू

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के रि-यूज्ड कुकिंग ऑयल याने ‘रुको’ प्लान के तहत बायोडीजल का बनाया जाना चालू हो चुका है। मुंबई एवं पुणे में उपयोग किए गए खाद्य तेल की ना केवल खरीदी चालू हो गई है बल्कि जैव ईंधन का उत्पादन भी शुरू हो गया है। अब इसे छत्तीसगढ़ में लांच करने की तैयारी अंतिम चरण में है। इस तरह ‘रुको’ की मदद से उपयोग किए गए खाद्य तेल का सहज, सरल और न्याय संगत निपटान संभव होने जा रहा है।

ऐसे मिला नाम ‘रुको’

आर- रि-परपज का ‘र’।
यू – यूज्ड का ‘ऊ’
सी – कुकिंग का ‘क’
ओ- ऑयल का ‘ओ’
इस तरह प्लान को नाम मिला ‘रुको’।

क्रेडा की मंजूरी

रि-यूज्ड कुकिंग ऑयल से बायोडीजल बनाने के लिए राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण ने मंजूरी दे दी है। निजी क्षेत्र की इकाइयां भी योजना का हिस्सा बन सकतीं हैं।

  • डॉ आर के शुक्ला, असिस्टेंट कमिश्नर, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ,रायपुर