मटर और चना में भी आया उबाल
भाटापारा। राजमा अब 110 नहीं, 130 से 140 रुपए किलो में मिलेगा। मटर की दोनों किस्में भी तेजी की चपेट में आ चुकी है। चना खैरी और काबुली की खरीदी महंगी हो चली है। मूंग- मसूर और सोयाबीन की बड़ी में तेजी की यह गर्मी, आने वाले दिनों में दिखाई दे सकती है।
मौसम की दूसरी मार से आहत होती उद्यानिकी फसलों में कीमत जैसी बढ़त ले रही हैं, उसके बाद महंगाई से त्रस्त उपभोक्ता मांग, सूखी सब्जियों के रूप में उपयोग की जाने वाली खाद्य सामग्रियों में निकलने लगी है। शीत ऋतु के दिन हैं, इसलिए इनमें फास्ट फूड सेंटर की भी डिमांड है। उपभोक्ता मांग के दबाव में आ चुका, यह बाजार अब तेजी से दो-चार हो रहा है।मौसम का असर
मौसम का असर
उद्यानिकी फसलों को बेमौसम बारिश ने तगड़ा नुकसान पहुंचाया। दूसरी बोनी के बाद जैसे ही फसल तैयार हो रही थी, वैसे ही अब बदली-बारिश से दूसरी फसल को भी नुकसान का सामना करना पड़ेगा। संभावित असर को देखते हुए हरी सब्जियों की कीमत बढ़ने लगी है। टमाटर और गोभी राहत तो दे रही है लेकिन दूसरी किस्में अभी भी तेजी पर है।
मांग ने बदली दिशा
सब्जी बाजार में हमेशा से ट्रेंड रहा है कि इसमें तेजी का रुख चालू होते ही सूखी सब्जियों में मांग बढ़ने लगती है। वर्तमान माहौल और मौसम ऐसी ही स्थितियां बना रहा है। सब्जी बाजार तेजी और मंदी को लेकर कुछ भी संभावना से इनकार कर रहा है।
राजमा दिखा रहा गर्मी
फास्ट फूड सेंटर और उपभोक्ता मांग का दबाव बढ़ते ही, सबसे पहली तेजी राजमा में आई।110 रूपये किलो पर मिलने वाला राजमा अब 130 से 140 रूपये किलो पर पहुंच गया है। झुरगा में 85 से 90 रूपये किलो पर खरीदी हो रही है। मटर सफेद 85 से 90 रूपये और हरा में 120 से 130 रूपये किलो पर कारोबार हो रहा है। चना खैरी 60 से 65 रूपये और चना गुलाबी 90 से 100 रूपये किलो पर पहुंचा हुआ है। मूंग और मसूर में भाव क्रमशः 95 से 100 रूपये और 85 से 90 रूपये किलो बोले जा रहे हैं। राहत, बस इतनी है कि सोयाबीन बड़ी 100 से 110 रुपये किलो पर स्थिर बनी हुई है।



