डॉ के के सिहारे नए डीन
अधीक्षक डॉ नीरज शेंडे बने
बिलासपुर। चिकित्सा शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन ने छत्तीसगढ़ आर्युविज्ञान संस्थान बिलासपुर की सर्जरी कर डीन डॉ तृप्ति नागरिया और संचालक डॉ बीबी सिंह का तबादला कर दिया है । डॉ केके सहारे को सिम्स का नया प्रभारी डीन नियक्त किया गया है। वहीं प्रभारी संयूक्त संचालक एवं अधीक्षक डॉ नीरज शेंडे बनाए गए है।
छत्तीसगढ़ शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्रालय महानदी भवन अटल नगर नवा रायपुर द्वारा सोमवार को जारी आदेश में डॉ तृप्ति नागरिया प्रभारी अधिष्ठाटा छत्तीसगढ़ आर्युविज्ञान संस्थान बिलासपुर का तबादला संचालक सह प्राध्यापक पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर कर दिया गया है। उनकी जगह डॉ. केके सहारे संचालक सह प्राध्यापक पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर को सिम्स का नया डीन नियुक्त किया गया है। सिम्स बिलासपुर के ही संचालक सह प्राध्यापक डॉ बीपी सिंह का तबादला जगदलपुर कर बलीराम कश्यप स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय जगदलपुर का संचालक सह प्राध्यापक बनाया गया है। वही सिम्स बिलासपुर में ही पदस्थ डॉ नीरज शेंडे प्राध्यापक जनरल सर्जरी विभाग को प्रभारी संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक बनाया गया है। डॉ शेंडे के कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ पुनीत भरद्वाज संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक छत्तीसगढ़ आर्युविज्ञान संस्थान बिलासपुर के अतिरिक्त प्रभारी से मुक्त हो जाएंगे ।
नहीं किया नियमितीकरण
गौरतलब हो कि छत्तीसगढ़ आर्युविज्ञान संस्थान बिलासपुर में सात साल से अधिक समय से सेवाएं दे रहे 316 कर्मचारी नियमितिकरण कर वेतनवृद्धि की मांग हो लेकर अगस्त महीने से काम बंद हड़ताल पर हैं 31 अगस्त 2021 को सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण छत्तीसगढ शासन द्वारा 2013-14, 2014-15 मे नियुक्त कर्मचारियों की परिवीक्षावधि का परीक्षण कर तत्काल नियमितीकरण करने आदेश जारी किया गया। इसके बाद भी हड़ताल खत्म नहीं हुआ।
चरमरा गई हैं स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी अधकारियों की बैठक लेकर सिम्स कर्मचारयों की हड़ताल खत्म कराने निर्देश दिए थे। इन सब कवायदों के बाद भी लंबे समय से जारी कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने का नाम नहीं ले रहा हड़ताल की वजह से बिलासपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई है। सिम्स में गंभीर मरीजों को इलाज कराने दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। इन सब दिक्कत के चलते सिम्स में प्रशासनिक सर्जरी की जरूरत महसूस की जा रही थी । अब देखना होगा कि नई व्यवस्था में कर्मचारयों की हड़ताल कब खत्म हो और स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर आए जिससे आम लोग भी राहत की सांसे ले सकें।



