आकार ले रहीं गणेश प्रतिमाएं

भाटापारा। मेहनत और लगन के साथ गणेश प्रतिमाओं को आकार देते तिलकराम वर्मा ने इस बार 250 प्रतिमा निर्माण का लक्ष्य रखा है। कोरोना के चरम पर उसने बीते बरस 500 प्रतिमाएं बनाई थी लेकिन मुश्किल से लक्ष्य पूरा किया गया था, लिहाजा इस बरस निर्माण की संख्या उसने आधी कर दी है ।

शहर से 4 किलोमीटर दूर ग्राम सूरजपुरा मुख्य मार्ग के एक किनारे कच्ची झोपड़ी में गणेश प्रतिमाओं को आकार दे रहे तिलकराम वर्मा को ज्यादा उम्मीद नहीं है कि इस साल गणेश पर्व पर प्रतिमा स्थापना की संख्या बढ़ेगी । कोरोना गाईड लाइन के पालन की कड़ी शर्त और जरूरी रंग-रोगन की बढ़ी हुई कीमत के बीच तिलक ने प्रतिमा निर्माण की संख्या एकदम से आधी कर दी है l रुझान पर नजर रख रहे इस मूर्तिकार का कहना था कि उतनी ही प्रतिमाएं बनाई जा रहीं है, जितने की स्थापना हो सके ।

ब्रेक कोरोना का

कोरोना महामारी भले ही उतार पर हो लेकिन संक्रमण का खतरा अभी भी बना हुआ है । सामान्य होते जन -जीवन के बीच कोविड-19 के नियमों का परिपालन किया जाना अब भी प्रभावी है l ढेर सारे बंधन के बीच तिलक जैसे मूर्तिकारों के लिए प्रतिमा की ऊंचाई को लेकर नियम बनाए जा चुके हैं, लिहाजा नियमानुसार 4 फीट से ऊंची प्रतिमा नहीं बनाई जा रही है ।

तेजी निर्माण सामग्री में

कोरोना के ब्रेक के बाद प्रतिमा निर्माण के लिए जरूरी मिट्टी तो महंगे में खरीदी गई, साथ ही रंग-रोगन और वेशभूषा सहित , प्रतिमा को फाइनल टच देने वाली अन्य सामग्रियों की कीमत बेतहाशा बढ़त ले रही है । ऐसे में कोरोना के बाद मूर्तिकारों के ऊपर यह दोहरी मार जैसी है l हालांकि प्रतिमाओं की संख्या घटाने से राहत पहुंचने की संभावना है लेकिन तैयार प्रतिमाओं के लिए पंडाल मिलेंगे या नहीं ? जैसी आशंका बरकरार है।

याद है बीता बरस

प्रतिमाओं को आकार दे रहा तिलक बताता है कि कोरोना की मार से बाजार अब तक उबर नहीं पाया है । गाइडलाइन का पालन तो किया जा रहा है लेकिन मिट्टी और रंग-रोगन सहित दूसरी जरूरी सामग्रियों की कीमत में आई तेजी के बाद, गणेश चतुर्थी का पर्व अच्छा रहे । यही प्रार्थना है , विघ्न विनाशक से ।