7 साल से वेतनवृद्धि नहीं होने से सिम्स के कर्मचारी नाराज अस्पताल के सामने देगे धरना

बिलासपुर। संभाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान सिम्स के 316 कर्मचारी आज से हड़ताल पर रहेंगे। जिसके चलते ब्लड बैंक, लेबर ओटी, केजुअलटी, जांच लैब सहित ऑपरेशन से लेकर ओपीडी तक आज प्रभावित रहेगा। अस्पताल के 7०० बिस्तर में भर्ती मरीजों की जान को भी जोखिम है। क्योकि इनकी तीरमदारी करने वाले कर्मचारी आज अपना काम छोड़कर अस्पताल के सामने प्रदर्शन करेगें। मर्चूरी में यदि ठेकेदार के कर्मचारी आ जाते है। तो पोस्टमार्डम हो जाएगा नहीं तो मृतको की पोस्टमार्डम का काम भी आज सिम्स में प्रभावित रहने वाला है। इसका कारण पिछले 7 सालो से प्रबंधन द्बारा वेतनवृद्धि न कराना है। जिससे सिम्स के कर्मचारी नाराज है।
सिम्स के कर्मचारियों और छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलध्यक्ष अमरू साहू ने बताया कि वर्ष 2०13-14 व 2०14-15 में सिम्स महाविद्यालय की स्थापना में 316 कर्मचारियों की नियुक्ति नियमित पदों पर की गई थी। कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचरी समय-समय पर दी जाने वाली वार्षिक वेतनवृद्धि के लिए शासन, प्रशासन से मांग कर चुके हैं, जिस पर 7 वर्षों से कोई विचार नहीं किया गया है। न्याय नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वाान में सिम्स में कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों को मजबूर होकर काम बंद करने का निर्णय लेना पड़ा है। सिम्स महाविद्यालय व चिकित्सालय के समस्त तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के कर्मचारी 2 अगस्त से 3 अगस्त 2 दिन पूर्णतया शासकीय कार्य बंद कर प्रदर्शन करेंगे। काम बंद आंदोलन के बीच मरीज के उपचार में होने वाले किसी भी प्रकार की असुविधा व अनहोनी के लिए सिर्फ प्रबंधन पूर्णतया जिम्मेदार होगा।

सोमवार को ओपीडी में सबसे ज्यादा भी आज गए तो होगे परेशान
कोरोना के साथ ही इन दिनों वायरल इंफेक्शन सर्दी, बुखार के मरीज बढ़े हुए है। ऐसे में सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल होने के कारण सोमवार को यहां की ओपीडी में शहर सहित ग्रामीण क्ष्ोत्र से तकरीबन हर सोमवार को 1००० से अधिक मरीज डॉक्टरों से जांच कराने आते है। ऐसे में यहां के 316 कर्मचारी हड़ताल करेंगे तो सबसे ज्यादा परेशानी ओपीडी में आने वाले मरीजों को झेलनी पड़ेगी। यदि डॉक्टर जांच भी कर दिया तो न तो खून, पेशाब जांच हो पाएगी और न ही एक्सरे, सिटी स्कैन हो पाएगा इसके अलावा सिम्स के मेडिकल में काम करने वाले कर्मचारी भी हड़ताल पर रहेगी जिसके चलते मरीजों को दवा तक नहीं मिल पाएगी।
मंत्री से लेकर अधिकारी तक चर्चा अब तक नहीं निकला हल
सिम्स के कर्मचारियों ने बताया कि पिछले 7 सालों से वेतनवृद्धि नहीं हुई। दर्जनों बार प्रबंधन, अधिकारी और पूर्व के साथ ही वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को भी आवेदन देने के बाद अब तक मांग पूरी नहीं होने पर सिम्स के कर्मचारी परेशान हो गए है। अंतिम रास्ता के रूप में हमने 2 और 3 अगस्त को सामूहिक अवकाश लेकर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। एक दिन पहले शुक्रवार को 316 तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों सिम्स प्रशासन को चेतावनी देते हुए भोजन अवकाश में अस्पताल के कॉलेज भवन के सामने एकत्रित होकर नारेबाजी करते हुए सिम्स की चारों तरफ चक्कर लगाकर प्रदर्शन भी किया इसके बाद भी प्रबंधन की ओर से अब तक कोई उचित जानकारी नहीं मिल पाई है। जिसके कारण अब 2 अगस्त से हड़ताल करेंगे।


आज ये काम होगे प्रभावित

मर्चूरी में पोस्टमार्डम

ओपीडी में मरीज की जांच

लैब में खून पेशाब के साथ अन्य जांच

एमरजेसी ऑपरेशन थ्ोयटर

सिम्स के दफ्तरों में काम

नहीं मिल पाएगा जन्म, मृत्यू प्रमाण पत्र

लेबर ओटी का काम

मइनर ओटी में नहीं होगे कर्मचारी

मेजर ओटी में भी रूक जाएगा ऑपरेशन

एक्सरे, सिटी स्कैन और सोनोग्राफी सहित अन्य जांच

वायरोलॉजी लैब में कोरोना की जांच

माईक्रोबायोलॉजी के समस्त कार्य

ब्लड बैक में नहीं मिल पाएगा रक्त

पैथोलैजी के सारे जांच रहेंगे बंद

आई ओटी में नहीं हो पाएगा ऑपरेशन

एमआरडी में नहीं कट पाएगी पर्ची

मेडीसिन स्टोर में नहीं बांटेगे दवा

लॉड्री में नहीं धुलेगा अस्पताल का कपड़ा

ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों की चार टीमें बनाई, अलग-अलग क्षेत्र में करेंगे काम

पीआरओ डॉक्टर आरती पांडेय का कहना है कि हमने ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों की कई टीमें बना दी हैं। इमरजेंसी, लेवर ओटी, कोरोना ओपीडी सहित जो अलग-अलग क्षेत्र में काम करेंगे। हमारी कोशिश है कि लोगों का इलाज प्रभावित न हो लेकिन थोड़ी बहुत प्रभाव पड़ भी सकता है।