लोखंडी के दामादपारा में जल संरक्षण की अनोखी मिशाल

बिलासपुर। जल संरक्षण और पानी को सहेज कर रखने के लिए लोखंड़ी की सशक्त नारी महासंघ लोखंडी की जल सहेलियों ने मिलकर बेजाकब्जा होते तालाब को श्रमदान कर संवार दिया। तालाब में अब पानी से लबालब है साथ ही महिलाओं द्बारा यहाँ मछली पालन किया जाएगा। तालाब का उपयोग निस्तारी के लिए गांव के लोग कर रहे हैं।

लोखंडी ग्राम पंचायत के दामाद पारा में महिलाओं ने अभियान चलाया. 410 महिलाओं को जल सहेली के रूप में जोड़ा, ताकि गांव में जल संरक्षण किया जा सके। महिला समिति अध्यक्ष लक्ष्मी पटेल ने बताया गांव का ही एक तालाब जो पूरी तरह सूख चुका था, लोगों द्बारा इसमें बेजाकब्जा किया जा रहा था, उसे कब्जा मुक्त कराने के बाद महिलाओं ने श्रमदान करने के साथ ही उसे संवारने का काम किया। 26 जून से लेकर 15 जुलाई 2०21 तक 2० दिनों तक मेहनत कर तलाब को संवारने का काम किया। महिलाओं की मेहनत का ही नतीजा रहा कि पहले जो तालाब में बूंदभर पानी नहीं हुआ करती थी अब उसमें पानी ठहरने लगा है। बारिश होने के साथ ही इसमें जल संरक्षण होने लगा है। अब इस तलाब को जल्द ही लबालब होने पर इसमें मछलीपालन का काम भी इन महिला समूह के द्बारा किया जाएगा। इसके लाभ का अंश गांव को संवारने और बेहतर बनाने में किया जाएगा।

15 सौ की आबाद के निस्तारी का आएगा काम
इस गांव का पहला तालाब है जिसे महिलाओं ने श्रमदान कर संवारा है। अब बारिश होने के साथ ही इस तालाब में पानी संरक्षित होगा जिससे गांव की आबादी को निस्तारी की सुविधा मिलेगी। महिलाओं के साथ ही इस काम में गांव के युवतियों ने भी भरपूर सहयोग किया है। तालाब को संवारने के लिए महिलाओं ने पुरुषों से कोई सहयोग नहीं लिया और अपने आत्मबल और लगन से जल संरक्षण का बीड़ा उठाया।

नाम दिया कमल ताल


महिलाओं ने इस तालाब को संवारकर अब इसका नाम कमल ताल रखा है। सभापति मीनू सुमंत यादव ने तालाब की पूजा कर महिलाओं से कहा तालाब में 12 माह पानी रहे इसके लिए बोर कराया जाएगा। तालाब में मछली पालन के लिए बीज उपलब्ध कराया जाएगा। उपाध्यक्ष शुकवारा, सचिव कल्याणी निर्मलकर, सह सचिव लक्ष्मी यादव, कोषाध्यक्ष नीलम पटेल, सह कोषाध्यक्ष फिरतीन पटेल, लेखापाल आरती पटेल ने इस तालाब को संवारने में सहयोग किया।