• फसल चक्र में परिवर्तन करने से ग्राउंड वाटर लेवल की बचत होगा

  • बिलासपुर। पर्यावरण को बेतहत बनाने और हरियाली लाने के लिए अब वन विभाग, जिला प्रशासन और जिला पंचायत संयुक्त रूप से काम करने की तैयारी कर ली है। इसके तहत जिले के 25० एकड़ भूमि में फलदार पौधे लगाएं जाएगी। जिससे हरियाली के साथ ही फल भी लोगों को मिलेंगे। वन विभाग बिलासपुर के एसडीओ सुनील कुमार बच्चन ने बताया कि जिले में 25० एकड़ भूमि में फलदार पौधे लगाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। ये पौधे ग्राम पंचायत के भूमि, स्कूलों के मैदानों और मुख्यमार्गों में भी लगाए जाएगें। इसके लिए पिछले दिनों जिला कलेक्टर व जिला पंचायत के अधिकारियों के साथ वन विभाग के अफसरों ने बैठक लेकर चर्चा भी की है। मुख्य जिम्मेदारी जिला पंचायत की होगी वहीं जिला प्रशासन और वन विभाग इस कार्य को क्रियान्वयन करेंगे। फलदार पौधा रोपण के लिए छत्तीसगढ़ शासन की तरफ से किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा रहा है। शासन यदि किसान धान की जगह फलदार पौधे लगाते है तो उन्हें 1० हजार रूपए प्रतिवर्ष उन्हें प्रोत्साहन राशि भी देगी तीन वर्षों तक ये राशि किसानों को मिलेगी। इसके बाद पौधे वृक्षा का रूप ले लेगे और फल आने के साथ ही किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी ऐसे में उन्हें धान से ज्यादा आय होगा और फसल चक्र में परिवर्तन भी होगा जिसके कारण धान में अधिक लगने वाले पानी की बचत होगी साथ ही ग्राउंड वाटर लेवन में भी सुधार होगा।
  • फलदार पौधे का सब करते हैं देखभा

  • एसडीओ सुनील कुमार बच्चन ने बताया कि हर वर्ष शासन की ओर से बारिश की दिनों में हजारों पौधों का रोपण कराया जाता है। सड़को गली मोहल्लों में भी पौधे वितरण किए जाते है। देखरेख के अभाव में वो वृक्ष नहीं बन पाते है। कुछ लोग पत्ते गिर रहें है कहते हुए पेड़ों को काट भी देते है। ऐसे में इस बार जिले में छायादार के साथ ही फलदार पौधे लगाने की योजना बनाई गई है। क्योकि फलदार पौधे यदि किसी के घर के आस पास लगाएंगे तो वो खुद फल देता है कहकर उस पौधे का देखरेख करेंगा और अधिक से अधिक पौधे वृक्ष का आकार ले पाएगा। जिससे हरियाली बढ़ेगी।