कलेक्शन के लिए विशेष अभियान चालू

दो बार से अधिक यूज्ड कुकिंग ऑयल हो सकता है स्वास्थ्य के लिये घातक

बिलासपुर। उपयोग किये जा चुके खाद्य तेल से अब बायोडीजल बनाया जाएगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने इसके लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल डेवलपमेंट अथॉरिटी से अनुबंध किया है। योजना के प्रथम चरण में राज्य के 20 जिलों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को फ्राइंग ऑयल मॉनिटर दिए गए हैं।

सेहत को नुकसान पहुंचाने वाली अव्यवस्था दूर करने की योजना पर काम किया जाना चालू हो चुका है। पहला कदम उस खाद्य व्यवसाय की ओर उठाया जा रहा है, जो वनस्पति तेल का उपयोग करते हैं। जांच में पाया गया है कि यह संस्थानें वनस्पति तेल की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दे रहीं हैं। खाद्य तेल का उपयोग दो बार से ज्यादा किया जा रहा है जबकि अधिक बार के उपयोग पर 1 जुलाई 2018 से ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
फ्राइंग ऑयल मॉनिटर से जांच

सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं रीयूज्ड खाद्य तेल। अब इसकी नियमित जांच होगी। इसके तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से 20 जिलों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को फ्राइंग ऑयल मॉनिटर दिए गए हैं। इस उपकरण के जरिए खाद्य तेल की गुणवत्ता की जांच होगी। जांच में रीयूज्ड कुकिंग ऑयल में कुल ध्रुवीय यौगिक सीमा 25% से ज्यादा मिला, तो उसका उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
रखना पड़ेगा रिकॉर्ड

खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के आदेश के तहत बड़े रेस्टोरेंट्स/ढाबे/फ़ूड वेंडिंग जोंस जो हर दिन में 50 लीटर से ज्यादा कुकिंग ऑयल, तलने के लिए इस्तेमाल करते हैं उनको अपना एक रिकॉर्ड मेंटेन करना पड़ेगा। उन्होंने कहां से एडिबल ऑयल लिया है ? कितना इस्तेमाल किया है और कितना डिस्कार्ड किया और किस एजेंसी को डिस्कार्ड करने के बाद दिया है ? ये सारा रिकॉर्ड उसे मेंटेन करना पड़ेगा। सरकारी एजेंसी जो इस तेल को कलेक्ट करेगी, वो इसे बाद में बायोडीजल बनाने के लिए इस्तेमाल करेगी।
जले हुए तेल से होता है प्रदूषण

छोटे-बड़े रेस्टोरेंट, होटल, ढाबा, फूड प्लाजा और स्ट्रीट वेंडर्स समोसा, पकोड़े आदि तलने के बाद बचे हुए तेल को नाली में नहीं बहा पाएंगे और न ही बार-बार उपयोग कर पाएंगे। पर्यावरण और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन अब इस्तेमाल हुए खाद्य तेल से CBDA के सहयोग से बायो फ्यूल बनाने की योजना पर काम कर रही है।
शुरू किया अभियान

रिपरपज यूज्ड कुकिंग ऑयल के तहत विभाग एजुकेट एनफोर्समेंट इकोसिस्टम पर कार्य कर रहा है। प्रथम इसे खाद्य कारोबारकर्ता को एजुकेट करने का प्रयास कर रही है, जिसमे खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के द्वारा जन सामान्य एवं खाद्य कारोबारकर्ता को रियूस्ड कुकिंग आयल से मानव शरीर में होने वाले नुकसान व पर्यावरण प्रदुषण के बारे में जानकारी व समझाइश देकर CBDA के माध्यम से 27 रुपए प्रति लीटर की दर से क्रय कराकर बायो फ्यूल को बढ़ावा दे रहा है।

द्वितीय ई से रियूस्ड कुकिंग ऑयल के प्रयोग को हतोत्साहित करने के लिए एनफोर्समेंट की भी कार्यवाही की जाएगी। जिससे इकोसिस्टम में नागरिकों के लिए अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण सुनिश्चित हो सके , ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन में रोकथाम और पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ विकास की ओर अग्रसर हों।


यह भी ध्यान रखें

●फ्राई करते समय तेल में धीमी आंच में रखें तथा धुआं निकलते तक गर्म ना करें।

●फ्राई करने के दौरान कढ़ाई में गिरे खाद्य टुकड़ों को तुरंत छान कर अलग कर लें ताकि वह काला ना पड़े ।

●फ्रायर पेन स्टेनलेस स्टील का ही उपयोग करें।


रुको ट्रेसिबिलिटी एप से

खाद्य कारोबारकर्ताओ को अपने यहां जमा होने वाले यूज्ड कूकिंग आईल की जानकारी भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा विकसित रुको ट्रेसिबिलिटी एप पर दर्ज करनी होती है चूंकि इस एप में तेल संग्राहक से लेकर बायोडीजल विनिर्माता जुडे रहते है वे नोटिफिकेशन पाकर यूज्ड कूकिंग आईल संग्रह कर लेंगें। रुको ट्रेसिबिलिटी एप को भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण नई दिल्ली के आधिकारिक लिंक से डाउनलोड किया जा सकता है।
प्रथम ई पर कार्य प्रारंभ
नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशन में पुरे राज्य के सभी जिलों रेस्टोरेंट्स/ढाबे/फ़ूड वेंडिंग जोंस के से रियूस्ड कुकिंग आयल कलेक्शन हेतु विशेष अभियान प्रारंभ किया गया जिसमे 7 दिवस के भीतर लगभग *1000 लीटर* रियूस्ड कुकिंग आयल से अधिक संग्रहित किया गया। खाद्य कारोबारकर्ताओं द्वारा उत्साह पूर्वक समर्थन किया गया।