पुलिस की फोटो तो कर रही चुगली

बिलासपुर छत्तीसगढ़। शुक्रवार की सुबह एन एच 130 पर नाकेबंदी कर 245 क्विंटल गांजा की तस्करी कर रहे चालक को कार सहित गिरफ्तार किया है। दूसरे दिन एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। रतनपुर थाना पुलिस को साधूवाद ! उसका सीना फूल कर 56 इंच हो जाना चाहिए था। सुबह से अपराह्न तक मौके पर कार्रवाई करते रही। इसकी पर्दादारी करने में भी जुटे रहे मौजूद जवान। लोकल मिडिया के पत्रकारों व नागरिकों को फोटो खींचने और विडियो बनाने से भी रोका जाता रहा। कौतूहल से कार्रवाई को दूर से ही रुकने वाले राहगीरों को भी चलता किया गया। कंधे पर सितारे और फीते सजने लायक काम की ऐसी पर्दादारी की गवाह भी 15 किलोमीटर दूर से लाने पड़े।  गांजे की छप्परफाड़ बरामदगी पर इतना धुआं धुआं क्यों है ! कुछ तो है जिसकी पर्दादारी है !
 

क्या कहती है एफआईआर में दर्ज तहरीर

रतनपुर थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक को 17 अप्रैल 2026 को  मुखबिर से सूचना मिली कि सफेद रंग के कार कमांक सीजी 04 क्यूडी 7255 में भारी मात्रा में मादक पदार्थ कटघोरा से बिलासपुर की ओर परिवहन होने वाला है।  सूचना को वरिष्ठ अधिकारी को अवगत कराया गया। मुखबीर सूचना रोजनामचा में दर्ज कर मुखबीर सूचना पंचनामा तैयार किया गया।
थाने से 15 किमी दूर से लाए गए दो स्वतंत्र गवाह
एफआईआर कह रहा कि आरक्षक 1309 गोविंदा जायसवाल को स्वतंत्र गवाह तलब करने रवाना किया गया।  स्वतंत्र गवाह कृष्ण कुमार वर्मा पिता विजय वर्मा उम्र 27 वर्ष साकिन ग्राम नगपुरा थाना रतनपुर जिला बिलासपुर छग और दीपक कुमार वर्मा पिता जयपाल वर्मा उम्र 25 वर्ष साकिन ग्राम नगपुरा थाना रतनपुर जिला बिलासपुर छग के साथ वापस थाना आने पर मुखबिर सूचना से गवाहों को अवगत कराया गया और कार्यवाही के लिए सहमति लिया गया ।

मौके पर नहीं पहुंचे एसडीओ

एफआईआर कह रहा सूचना की तस्दीकी एवं कार्यवाही के लिए अनुविभागीय अधिकारी कोटा जिला बिलासपुर को सूचना प्रतिवेदन तैयार कर आरक्षक कमांक 1328 बसंत दास मानिकपुरी को डाक देकर रवाना किया गया। अनुविभागीय अधिकारी कोटा के बाहर होने व वापस आने में विलम्ब होने व तलाशी के लिए एनडीपीएस एक्ट के धारा तहत तलाशी वारंट प्राप्त करने की कार्यवाही की जाती है अन्यथा आरोपी फरार हो सकता है एवं माल को अफरा तफरी  छिपा फेक या बिक्री कर नष्ट कर सकता है कि आशंका थी।
एस आई, हवलदार और तीन आरक्षकों ने भेडीमुडा नयापारा चौक के पास लगाई चेकिंग पॉइंट

एफआईआर कह रहा कि समयाभाव में तलाशी वारंट न मिलने का धारा 42-2 एनडीपीएस एक्ट के तहत पंचनामा तैयार कर प्रआर 492 सैय्यद अकबर अली, आरक्षक 416 पवन सिंह, आरक्षक 1440 धीरज कश्यप,  आरक्षक 1309 गोविंदा जायसवाल थाना रतनपुर स्वतंत्र गवाहों को साथ लेकर शासकीय पेट्रोलिंग वाहन क्रमांक सीजी 03 ए 0026 में विवेचना कीट, लैपटॉप, बैटरी चलित प्रिन्टर,  इलेक्ट्रॉनिक तराजू, पेपर, कार्बन,  पेन,  सुई धागा,  पीतल का सील,  चपडा,  रस्सी, झाल, प्लास्टिक बोरी,  मोमबत्ती, अन्य सामग्री लेकर मुखबिर की सूचना अनुसार भेडीमुडा नयापारा चौक के पास चेकिंग पॉईट बनाकर इंतजार करते हुए खडे थे।

की भागने की कोशिश

एफआईआर कह रहा सफेद रंग की कार क्रमांक सीजी 04 क्यूडी 7255 आई जो पुलिस वालों को चकमा देकर रोड से नीचे तरफ उतारकर भागने की कोशिश करने लगा। जिसे बरगद पेड़ के पास घेराबंदी कर पकड़ा गया।   पूछने पर ड्राइवर ने अपना नाम अमित कुमार केंवट पिता त्रिवेणी प्रसाद केंवट उम्र 33 वर्ष निवासी भूतही टोला वार्ड नंबर 01 बुढ़ार थाना बुढ़ार जिला शहडोल मप्र का बताया।

पहले पुलिस गाड़ी की ली गई तलाशी ?

एफआईआर कह रहा पुलिस ने मुखबीर सूचना से अवगत कराकर धारा 50 एनडीपीएस का नोटिस जारी कर नोटिस का महत्व पढ़कर एवं पढ़ाकर बताया समझाया गया कि आप अपनी तलाशी राजपत्रित अधिकारी अथवा न्यायिक मजिस्ट्रेट अथवा निकटतम अधिकारी से करा सकते हो जिस पर संदेही द्वारा पुलिस अधिकारी से तलाशी की लिखित सहमति दिया गया।  संदेही की तलाशी के पूर्व उसके द्वारा पुलिस अधिकारी हमराह स्टाफ शासकीय पेट्रोलिंग वाहन, स्वतंत्र गवाहों की तलाशी ली गई । तलाशी में विवेचना संबंधी दस्तावेज एनडीपीएस का प्रपत्र,  पर्स,  मोबाईल,  इलेक्ट्रॉनिक तराजू,  सील, चपडा, मोहर,  लेपटॉप  प्रिन्टर के अलावा अन्य कोई संदिग्ध मादक पदार्थ गांजा जैसा पदार्थ नहीं पाया गया।

आरोपी से ही सहमति लेकर ली कार की तलाशी

एफआईआर कह रहा कि संदेही से तलाशी के लिए सहमति लेकर संदेही की तलाशी लिया गया। सफेद रंग की कार कमांक सीजी 04 क्यूडी 7255 की तलाशी लेने पर कार के पीछे डिक्की में, मध्य सीट के नीचे व उपर, सामने ड्रायवर की साईड की सीट के नीचे भूरे रंग के प्लास्टिक टेप से लिपटा हुआ 245 पैकटो में मादक पदार्थ गांजा, हर पैकेट का वजन 01 – 01 किलोग्राम को बरामद कर जब्त किया गया। गांजा की कुल कीमती 12250000 रुपये आंकी गई है। वहीं एक सफेद रंग का स्मार्ट हाईब्रिड कार कमांक सीजी 04 क्यूडी 7255 मय चाबी, एक नीला रंग का मोबाईल, 02 नग नंबर प्लेट जिसमे कमांक OD 02 AB 5323  लिखा भी बरामद कर जब्त किया गया। पंचनामा तैयार थोड़ी थोड़ी मात्रा निकालकर पुलिस बल एवं साक्षियों द्वारा सुंघाकर, रगड़कर देखा गया। हरी पत्तीदार नमीयुक्त  बीजयुक्त तीक्ष्ण गंध युक्त मादक पदार्थ गांजा के रूप में पहचान की गई।  जिसका पहचान पंचनामा तैयार किया गया। 

पूछताछ में बताए चार अन्य नाम

एफआईआर कह रहा बरामद मादक पदार्थ गांजा रखने एवं परिवहन करने के सबंध में दस्तावेज पेश करने के लिए धारा 67 एनडीपीएस एक्ट के तहत नोटिस जारी किया गया। संदेही ने किसी प्रकार का वैध दस्तावेज नहीं होना लिखित में दिया। आरोपी अमित कुमार केंवट से पूछताछ कर धारा 23-2 BSA के तहत कथन लिया गया। जिसमें उसने नीरज शुक्ला निवासी भालूमाडा अनुपपूर मध्यप्रदेश, शिवा केंवट उर्फ पप्पू,  शिव चरण केंवट एवं राहुल के साथ मिलकर बलांगीर उडीसा से मादक पदार्थ गांजा लाकर बिलासपुर मध्यप्रदेश में गांजा विक्री करना बताया है।

बलांगीर ओडिशा के जंगल से लेकर आए

एफआईआर कह रहा 16 अप्रैल 26 को अपने साथ राहुल  निवासी राजेन्द्र ग्राम के साथ शिवा केंवट ऊर्फ पप्पु के कार कमांक सीजी 04 क्यूडी 7255 से उड़ीसा बलांगीर के जंगल से नकद में गांजा खरीदकर लाते समय कटघोरा में राहुल के उतरने।  उसके बाद अकेले कार चलाते गांजा को लेकर कटघोरा से रतनपुर बाईपास रोड तरफ से मरवाही के रास्ते से राजेन्द्र ग्राम अनुपपुर की ओर परिवहन करना बताया।

कार्रवाई पर सवाल

पुलिस की कार्रवाई तो शुक्रवार की सुबह से अपराह्न चार बजे तक चलती रही। फिर रतनपुर थाना पुलिस ने दर्ज एफआईआर में घटना की सूचना का समय 22.21 बजे और घटना 17.30 बजे क्यों बताया है। इसकी चुगली तो पुलिस की जारी फोटो ही कर रही है। एफआईआर में दर्ज घटना का समय 17.30 बजे तो मौके पर सुबह से अपराह्न तक क्या कार्रवाई होती रही।‌

पहली बार इस रास्ते पकड़ में आए तस्कर

अब तक कि ओडिशा से गांजे की तस्करी करते पकड़ में आने वाली गाड़ियों के रुट जांजगीर जिले से मस्तूरी बिलासपुर रतनपुर से पेंड्रा होते मध्यप्रदेश की ओर रहती है। इसी रास्ते से जाते तस्कर पकड़ में आते रहे हैं। ये पहली बार होगा कि तस्कर कटघोरा से एनएच 130 पर पाली रतनपुर होते हुए मध्य प्रदेश जा रहे थे। मध्य प्रदेश जाने के लिए तो उनके लिए कटघोरा से कोहनियों, पसान, कोटमी, मरवाही होते हुए मध्यप्रदेश पहुंचने का आसान रास्ता था। इसके अलावा पाली शिवमन्दिर कि सामने से पोड़ी, सिल्ली, परसदा होते हुए बेलगहना पेंड्रा होते मध्यप्रदेश का रास्ता भी काफी सुरक्षित है। ऐसे में जोखिम भरा खराब रास्ते का विकल्प तस्कर ने क्यों चुना ! ये कोरबा जिला पुलिस के लिए भी नई चुनौती है।