300 से 600 रुपए क्विंटल पर स्थिर

बिलासपुर- शांत है बदरा 300 से 600 रुपए क्विंटल पर। ऑफ सीजन के दौर से गुजर रही यह छोटी सी चीज सीमित मात्रा में भंडारण के लिए लुभा रही है कैटल फीड इंडस्ट्रीज को क्योंकि त्यौहारों के दिन आ चुके हैं।

आंशिक तेज है लेकिन धारणा और तेजी की नहीं है क्योंकि मांग से ज्यादा उपलब्धता की स्थिति में है बदरा। इसलिए पशु आहार बनाने वाली ईकाइयां सीमित मात्रा में सूखा बदरा का भंडारण करने का मन बना रहीं हैं। ऐसा इसलिए भी क्योंकि डेयरी कारोबारी क्षेत्र बदरा कोढ़ा में मांग बढ़ा रहा है।

मिल रहे संकेत

दुर्ग, भिलाई और रायपुर। बिलासपुर और कोरबा। यह शहर डेयरी प्रॉडक्ट और कैटल फीड के बड़े उपभोक्ता माने जाते हैं। इसके अलावा अच्छी-खासी संख्या ग्वालों की भी है। इन सभी की मांग बदरा में पूरे साल रहती है। भाव फिलहाल जिस स्तर पर ठहरा हुआ है, उसे देखते हुए कैटल फीड इंडस्ट्रीज छोटी मात्रा में भंडारण का मन बना रहा है।

इसलिए सीमित भंडारण

रक्षाबंधन, तीजा-पोला, गणेश उत्सव, फिर दुर्गोत्सव। बाद की अवधि में दशहरा और दीपावली। उत्सव के दिनों में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में उत्पादन बंद रहता है। अवकाश के यह दिन पशु आहार की निरंतर उपलब्धता को प्रभावित करते रहे हैं। यही वजह है कि कैटल फीड इंडस्ट्रीज अग्रिम लेकिन सीमित भंडारण का मन बना रहा है।

प्रतीक्षा यहां

पोहा और चावल हब के रूप में पहचान बना चुका भाटापारा प्रतीक्षा कर रहा है बदरा में बेहतर मांग की। भरपूर उपलब्धता, हरा चारा भी खूब। यह दोनों स्थितियां बदरा में कमजोर मांग की बड़ी वजह मानी जा रही है। यही वजह है जिसने बदरा की कीमत को शांत रखा हुआ है।