भाटापारा। मंजूर है मोदक में 480 से 500 रुपए किलो का भाव। गणेश उत्सव समितियां रुझान दिखा रहीं हैं बेसन और बूंदी के मोदक में, जो 280 से 300 रुपए किलो पर शांत है।

मोदक इस बार बिक्री का कुछ नया आंकड़ा लेकर आ सकता है क्योंकि परंपरागत प्रसाद की खरीदी में घरेलू और समितियां, मोदक को लेकर कुछ ज्यादा रुझान दिखा रहीं हैं। मंदिरों की मांग काफी पहले से निकली हुई है।

मोदक चार प्रकार के

मावा मोदक और नारियल मोदक। इनके भीतर मेवा होता है। अन्य मोदक की तुलना में इसे बनाने में कुछ अधिक श्रम लगता है। इसलिए स्वीट कॉर्नरों ने 480 से 500 रुपए किलो का भाव रखा है। कम मेहनत और कम सामग्री में बनाए जा सकते हैं बूंदी और बेसन के मोदक। शायद यही वजह है कि यह मोदक 280 से 300 रुपए किलो पर मिलेंगे।

रुझान इनका

घरों में स्थापना करने वाले गणेश भक्त मावा और नारियल के मोदक को लेकर रुझान दिखा रहे हैं। दूसरी तरफ गणेश उत्सव समितियों की पूछ-परख बूंदी और बेसन के मोदक में ज्यादा दिखाई दे रही है। दोनों भक्तों की पसंद और रुझान को देखकर स्वीट कॉर्नरों ने गणेश उत्सव के लिए अग्रिम तैयारी चालू कर दी है। भाव में स्थिरता की संभावना इसलिए है क्योंकि जरूरी सभी सामग्रियों की कीमत स्थिर है।

बढ़िया इसलिए

रक्षाबंधन पर मिठाइयों की डिमांड जोरदार रही। अनुमान से कहीं ज्यादा रही मांग। गणेश पर्व पर मोदक की डिमांड बढ़िया इसलिए निकलने की संभावना है क्योंकि यह देखा गया है कि जब-जब रक्षाबंधन बेहतर रहा है, तब-तब गणेश पर्व पर मोदक की मांग जोरदार रही है। लिहाजा संस्थानें रुझान और पूछ-परख को ध्यान में रखते हुए तैयारी कर रहीं हैं।