चार संस्थानों से जांच के लिये 16 सैंपल
जशपुरनगर। समन्वित निरीक्षण में संदेहास्पद था मिक्सचर। प्रथम दृष्टि में सोन पापड़ी भी सही नहीं पाया गया। मिठाइयां फौरी जांच में मानक में खरी नहीं उतरीं। कांसाबेल और पत्थलगांव जैसे वनांचल में जांच के लिए पहुंची खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने रिकॉर्ड 16 सैंपल लिए हैं।
“बने खाबो-बने रहिबो” अभियान के समापन दिवस पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने कांसाबेल और पत्थलगांव में दबिश दी। चार संस्थानों से थोक में 16 सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें राजधानी के खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है। हड़कंप इसलिए देखी जा रही है क्योंकि ऐसी जांच से अब तक दूर ही थे यह दोनों शहर।

4 संस्थान 16 सैंपल
यादव रेस्टोरेंट। कांसाबेल में जाना पहचाना नाम है। पत्थलगांव का सेंट्रल रेस्टोरेंट, न्यू श्री बालाजी रेस्टोरेंट और श्री जय बालाजी फन एंड फूड्स की चर्चा खूब हो रही है क्योंकि दबिश इन्हीं चारों संस्थानों में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने न केवल दी बल्कि बालूशाही, मिक्सर, मिल्क केक, चमचम, पेड़ा, कलाकंद, बेसन लड्डू, गुलाब जामुन, सोन पापड़ी, रसगुल्ला और खोवा बर्फी के सैंपल भी लिए हैं।

कड़ी नजर यहां
खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वय रोशन वर्मा संजय कुमार राम एवं सैंपल असिस्टेंट अंजलि नायक ने भोजन निर्माण के लिए रखी गई सामग्री की गुणवत्ता की जांच की। किचन एवं परोसने की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। कारोबारी गतिविधियों के अनिवार्य लाइसेंस एवं पंजीयन की वैधता की भी जांच की गई।
