“बने खाबो-बने रहिबो” अभियान
जशपुरनगर। परीक्षण रिपोर्ट की प्रतीक्षा में दिन गिन रहा है गिनाराम स्वीट्स। बंशीवाला स्वीट्स की चैन की बंशी पर फिलहाल ब्रेक क्योंकि दोनों संस्थानों से सात प्रकार की मिठाईयों के सैंपल लिए गए हैं।
अवांछित कारोबारी गतिविधियों से दूर है कांसाबेल। यह धारणा अब बदल सकती है क्योंकि खाद्य एवं औषधि प्रशासन की “बने खाबो-बने रहिबो” अभियान के दौरान जांच दल ने यहां की दो संस्थानों में दबिश देकर सात सैंपल लिए हैं। प्रतीक्षा करें उस रिपोर्ट की जो 14 दिन बाद आएगी।
धड़कन तेज
गिनाराम स्वीट्स और बंशीवाला स्वीट्स। दोनों संस्थानों के संचालकों की धड़कन तेज है क्योंकि पहली बार जांच हुई और पहली ही बार में सात मिठाइयों के सैंपल जांच दल ने लिए क्योंकि फौरी जांच में गोंद के लड्डू, बेसन के लड्डू, काजू कतली, चमचम, पेड़ा, कलाकंद और गुलाब जामुन को संदेहास्पद पाया गया है।

सख्त जांच यहां की
सुरक्षा मानक का पालन अनिवार्य है। इसलिए भंडारण, किचन और काउंटर के साथ वितरण व्यवस्था की भी जांच की गई। स्वच्छता के मानक के अलावा संचालन के लिए जरूरी पंजीयन की जानकारी ली गई। जांच के दौरान मिठाइयों के रंगों पर भी सख्त नजर रही क्योंकि अखाद्य रंगों के उपयोग की शिकायतें खूब हैं।
बातचीत उपभोक्ताओं से
खाद्य सुरक्षा अधिकारीद्वय रोशन वर्मा एवं संजय कुमार राम एवं नमूना सहायक अंजलि नायक ने जांच के दौरान उपभोक्ताओं से भी चर्चा की। मिलावट से नुकसान, स्वच्छता का महत्व और पैक्ड फूड प्रोडक्ट की खरीदी के पूर्व पैकिंग पर जरूरी जानकारी का अवलोकन करने की सलाह दी।
