सत्यापन को लेकर कसडोल का रुझान जोरदार
बलौदाबाजार। कसडोल के 450 कारोबारियों ने अपनी संस्थानों के तौल उपकरणों का सत्यापन करवाया। यह आंकड़ा जिला विधिक माप विज्ञान विभाग के लिए उत्साह बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
सही माप, वजन और मात्रा में पहुंचे उपभोक्ताओं तक सामग्री, तब ही पारदर्शी कारोबार का किया जाना संभव होगा। इस प्रयास में लगे जिला विधिक माप विज्ञान विभाग को अब सफलता मिलने लगी है क्योंकि लगभग हर शिविर में तौल उपकरणों का सत्यापन करवाने बड़ी संख्या में कारोबारी पहुंच रहे हैं।

अब तक 450
शिविर था कसडोल में। शिविर के पहले एक-एक व्यापारिक संस्थानों को सूचित किया विभाग ने। तय तारीख 30 नवंबर को कैंप लगा, जो 3 दिसंबर तक चला। इस अवधि में 450 कारोबारी संस्थानों ने अपने तौल उपकरणों का सत्यापन करवाया। विभाग अचंभित है इस प्रतिसाद को देखकर, यह इसलिए क्योंकि फेरी और स्ट्रीट वेंडरों तक ने अपने तौल उपकरणों का सत्यापन करवाया।

शिकायतों पर फौरन जांच
सही माप, सही संख्या और सही वजन में उपभोक्ताओं तक सामग्री की पहुंच सुनिश्चित हो। इस उद्देश्य के साथ लगाए जा रहे शिविरों के माध्यम से जैसी शिकायतें और जानकारियां मिल रही हैं, उस पर फौरन संज्ञान लिया जा रहा है, तो शिकायतों की जांच भी की जा रही है। इसके अलावा तौल उपकरणों की सुरक्षा को लेकर भी कारोबारियों को समझाइश और सलाह दी जा रही है।

सत्यापन अनिवार्य
विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 की धारा 24 के अनुसार उपयोग किए जाने वाले कांटा, बांट और तौल उपकरणों का सत्यापन अनिवार्य है। जांच के दौरान असत्यापित उपकरणों का उपयोग करते पाए जाने पर धारा 33 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। नियमों के अनुसार ऐसे मामले के प्रमाणित होने के बाद विधि सम्मत दंड का प्रावधान है।
सब कुछ नियमानुसार
तौल उपकरण की जांच विभाग मुख्यालय से आए हुए रिपेयरर द्वारा की जा रही है। तय है इनके द्वारा ली जाने वाली मरम्मत की राशि। सत्यापन शुल्क भी तय है। शिकायतों पर न केवल नजर है बल्कि सघन जांच भी करते हैं।
– दामोदर वर्मा, निरीक्षक, जिला विधिक माप विज्ञान विभाग, बलौदा बाजार
