नायब तहसीलदार से बिलासपुर सरकंडा थाना पुलिस के दुर्व्यवहार का मामला
मुख्य मंत्री के नाम चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन कलेक्टर कार्यालय को सौंपा
बिलासपुर । शहर के सरकंडा थाना में नायब तहसीलदार के साथ हुए दुर्व्यवहार पर छग कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने लामबंद होकर ने प्रदेश भर में मोर्चा खोल लिया है। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने कलेक्टर कार्यालय को सौंपा है। इसमें नायब तहसीलदार पुष्पराज मिश्रा के साथ हुई अभद्रता व झूठे मामले में फंसाने की घटना की निष्पक्ष जांच करने की है।
मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने बताया है कि बस्तर जिले के करपावंड तहसील में सेवाएं दे रहे नायब तहसीलदार पुष्पराज मिश्रा के साथ बिलासपुर जिले में थाना सरकंडा के थाना प्रभारी तोपसिंग नवरंग एवं उनके अधीनस्थ कर्मचारियों द्वारा 17 नवंबर को अमर्यादित व्यवहार किया गया। थाना परिसर में गाली-गलौच, मानसिक उत्पीड़न, झूठे आरोप लगाने की धमकी, उनके परिवार के साथ दुर्व्यवहार किया गया। पुष्पेन्द्र मिश्रा के भाई ने घटना की जानकारी कलेक्टर को दी, तो भी थाना प्रभारी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और अभद्र व्यवहार जारी रखी।

इस घटना ने प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत अधिकारियों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई है। यह घटना शासन-प्रशासन के बीच सम्मान और समन्वय की भावना के खिलाफ है। किसी कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के साथ इस प्रकार का दुर्व्यवहार प्रशासनिक तंत्र की गरिमा पर प्रहार है। इस प्रकार की घटनाओं से प्रशासनिक सेवाओं की गरिमा प्रभावित होती है। अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में असुरक्षित महसूस करते हैं। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने सप्ताह के अंदर घटना की जाँच कर कार्रवाई नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन व अन्य आवश्यक कदम उठाने के लिए बाध्य होने की चेतावनी दी है।

ये है संघ की चार सूत्रीय मांग
1. घटना की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी स्तर के वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए।
2. दोषी थाना प्रभारी एवं उनके सहयोगियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
3. इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासनिक सेवाओं और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए।
4. घटना के संबंध में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
क्या है मामला

अशोक नगर बिलासपुर निवासी पुष्पराज मिश्रा बस्तर जिले के करपावंड तहसील में प्रभारी तहसीलदार है। 16-17 नवंबर 2024 की दरमियानी रात वे रायपुर से ट्रेन में बिलासपुर पहुंचे। 17 नवम्बर की रात 1:35 बजे रेलवे स्टेशन से अपने भाई और पिता के साथ घर लौट रहे रहे थे। रास्ते में डीएसएल कालेज रोड पर हनुमान मंदिर के पास दो पुलिस कर्मियों ने रुकने के लिए इशारा किया। नायब तहसीलदार मिश्रा का आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने रुकने के लिए बोले रहे हैं तुम रुक नहीं रहे हो कहकर गाली-गलौज शुरू कर दी। बिना किसी ठोस कारण के उन्हें थाने ले जाया गया। वहां उनकी सरकारी पहचान को अनदेखा करते हुए, उन्हें झूठे शराब पीने के आरोप में फंसाने का प्रयास किया गया। थाना प्रभारी तोपसिंग ने भी उनके साथ अभद्रता की। उनके भाई के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का सरकंडा थाना में अपराध दर्ज किया गया। विस्तृत खबर के लिए पढ़ें….
आधी रात को भिड़ गए कार्यपालक और दंडाधिकारी, सिपाही की रिपोर्ट पर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का अपराध दर्ज
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