मांग में बीस फीसदी गिरावट
बिलासपुर। टीन पैक की खरीदी में 15 से 20 फीसदी गिरावट। खरीदी उतनी ही, जितने में फौरी जरुरतें पूरी की जा सकतीं हैं। एक और बात- मीडियम और स्माॅल पैक के खाद्य तेलों में आंशिक बढ़त देखी जा रही है।
खाद्य तेल की सभी किस्मों में प्रति लीटर 10 से 30 रुपए की तेजी के बाद तेल बाजार पहली बार खरीदी के बदलते पैटर्न को देखकर हैरत में है। फिलहाल की स्थितियों का तो जैसे-तैसे सामना कर रहा है लेकिन त्यौहार के बाद तेल बाजार का जमीन पर आना तय माना जा रहा है।

पहला झटका यहां से
मिक्चर कारखाने, होटल और ढाबे। खाद्य तेल में टीन पैक के सबसे बड़े खरीददार माने जाते हैं। प्रति लीटर 10 से 30 रुपए की तेजी के बाद टीन पैक में इनकी खरीदी में लगभग 20 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। यह तब, जब नवरात्रि और दीपावली जैसे बड़े पर्व के दिन चालू हो चुके हैं। तेजी के बाद यह बड़ी मांग वाला क्षेत्र ‘जितनी जरूरत उतनी खरीदी’ जैसे मंत्र पर काम करने लगा है।

हर उपभोक्ता से तकरार
उपभोक्ता मांग मध्यम आय वर्ग से भी कम हो चली है। ‘जितनी जरुरत, उतनी ही खरीदी’ मंत्र पर यह क्षेत्र भी खरीदी कर रहा है लेकिन भाव सुनकर जैसे बोल, बोले जा रहे हैं, उससे दुकानदार और उपभोक्ता के बीच तकरार की शिकायतें बढ़त की ओर हैं। धीरे- धीरे सब ठीक हो जाएगा, यह सोच खुदरा कारोबार का मुंह बंद किए हुए हैं। सवाल सिर्फ एक- त्यौहार के बाद कैसी होगी मांग ?

खरीदी छोटे पैक में, लेकिन संभलकर
खरीद क्षमता से बाहर हो चले हैं खाद्य तेल। इस तेजी के बाद पाउच और जार पैक में खरीदी को लेकर रुझान तो नजर आ रहा है लेकिन हर आय वर्ग का उपभोक्ता सतर्क रहकर खरीदी कर रहा है। यह सतर्कता रिटेल काउंटरों में भी देखी जा रही है क्योंकि सीजन के दौरान जब मांग का हाल ऐसा है, तब बाद के दिनों में कैसा होगा? आशंकित कर रही है, इससे भी कमजोर मांग की धारणा। इसलिए भंडारण की प्रवृत्ति यहां भी खत्म।
