होगी व्यावसायिक खेती

सतीश अग्रवाल
बिलासपुर। साल बोड़ा। मशरूम की ऐसी प्रजाति, जो केवल प्राकृतिक रूप से तैयार होती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता के गुणों के खुलासे के बाद अब इसकी व्यावसायिक खेती की संभावनाएंं तलाशी जा रहीं हैं।

मशरूम की 12 प्रजातियों में से एक ,साल बोड़ा याने साल मशरूम, केवल बारिश के दिनों में ही मिलता है। वैसे यह है तो शाकाहारी लेकिन हैरत करने वाले स्वाद की वजह से इसे वेज मटन के रूप में जाना जाता है। साल बोड़ा ही अपने परिवार का इकलौता ऐसा सदस्य है, जो जमीन के बाहर नहीं, भीतर तैयार होता है । दिलचस्प यह कि इसमें एक साथ 8 बीमारियों से लड़ कर जीतने की क्षमता है।

जानिए साल बोड़ा को

साल बोड़ा नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि यह केवल साल के ही वृक्षों के नीचे तैयार होता है। मशरूम की 12 प्रजातियों में से एक, साल बोड़ा की सबसे अनोखी विशेषता यह है कि यह अन्य मशरूम की भांति जमीन के बाहर नहीं, भीतर तैयार होता है। बारिश में तैयार होने वाला यह मशरूम निकाले जाने के बाद केवल 3 दिन तक ही सेवन के योग्य रहता है।


हैं मेडिशनल प्रॉपर्टीज

साल बोड़ा में फाइबर, सेलेनियम, प्रोटीन ,पोटेशियम, विटामिन डी और एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज के होने की जानकारी मिली है। इनकी मौजूदगी की वजह से इसे शुगर ,हाई बीपी, बैक्टीरियल इनफेक्शन, कुपोषण और पेट रोग दूर करने में सक्षम पाया गया है। ताजा परिस्थितियों में, इसमें इम्यूनिटी बूस्ट करने के तत्वों की वजह से इसे बेहद अहम माना जा रहा है।

हैं कई नाम

पांच राज्यों में मिलने वाले इस मशरूम का वैज्ञानिक नाम लाइपन पर्डन है। उत्तराखंड, झारखंड और उड़ीसा में इसे रुगड़ा के नाम से जाना जाता है ,तो छत्तीसगढ़ में साल पुटु के नाम से पहचान मिली हुई है। बस्तर अंचल में साल बोड़ा के रूप में जाना जाता है।

अब इसकी तैयारी

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद , प्रारंभिक अनुसंधान के बाद इसकी व्यावसायिक खेती की तकनीक विकसित कर रहा है ताकि व्यावसायिक खेती की जा सके और ग्रामीण क्षेत्र को आजीविका का नया साधन मिल सके। बता दें कि, इसकी सेल्फ लाइफ चार माह तक करने में सफलता मिल चुकी है। अब तैयारी है इस तकनीक को पेटेंट करवाने की। यह दोनों काम सफल हो जाने के बाद ना केवल खेती की जा सकेगी बल्कि चार माह तक भंडारण भी किया जा सकेगा।

मशरूम की अन्य प्रजातियों के विपरीत, जो जमीन के ऊपर उगती हैं, यह जमीन के नीचे पाई जाती है, विशेषकर साल के पेड़ के नीचे। राज्य के साल के प्राकृतिक वन इस मशरूम के लिए अनुकूल व नम स्थिति प्रदान करते हैं।

  • डॉ अजीत विलियम्स, साइंटिस्ट, फॉरेस्ट्री, टीसीबी कॉलेज ऑफ एग्री एंड रिसर्च स्टेशन ,बिलासपुर