बढ़ रही सब्जी बीज की कीमत
बिलासपुर। प्राथमिकता कम कीमत और जल्द तैयार होने वाली प्रजातियों की बोनी को। इसलिए बेल वाली और भाजी फसलों की बोनी सब्जी बाड़ियां कर रहीं हैं। यह नया बदलाव सब्जी बीज बाजार को हैरान कर रहा है क्योंकि ऐसा होता पहली बार देखा जा रहा है।
सब्जियां ही नहीं, सब्जी बीज की कीमत भी बढ़ चुकी है। ऐसी स्थिति को देखते हुए सब्जी उत्पादक किसान तेजी से ऐसी फसल बीज की खरीदी को प्राथमिकता दे रहे हैं, जो जल्द तैयार होती हैं। यही वजह है कि खेड़हा, अमारी, लाल, पालक और मेथी भाजी खूब आ रहीं हैं। समानांतर में बेल वाली सब्जी बीज की खरीदी बढ़ते क्रम पर है।

भाजी फसलें अव्वल
अमारी, लाल, पालक, मेथी और खेड़हा। भाजी फसलों की यह प्रजातियां 30 दिवस के भीतर तैयार होने वाली मानी जाती है। सब्जी बाड़ियां इन फसलों की बोनी इसलिए भी कर रही हैं क्योंकि बीज की कीमत क्रय शक्ति के भीतर ही है। इसके अलावा उपभोक्ता मांग भी बनी हुई है। देखरेख और अल्प सिंचाई में तैयार हो जाने वाली भाजी फसलों के बीज 100 से 400 रुपए किलो की दर पर उपलब्ध हैं।

बोनी, बेल वाली सब्जियों की भी
करेला, कुंदरु, लौकी, तुरई और कुम्हड़ा। इन्हें बेल वाली सब्जी फसलों में सदाबहार माना जाता है। देखरेख भी अपेक्षाकृत कम मांगती हैं यह प्रजातियां। ऐसे में सब्जी उत्पादक किसान इन प्रजातियों की भी बोनी कर रहें हैं। ग्रामीण क्षेत्र पहले उपभोक्ता क्षेत्र हैं लेकिन पहली बार शहरी उपभोक्ता इसकी खरीदी बढ़ा रहे हैं। इसलिए 300 से 400 रुपए किलो की दर भी स्वीकार कर रहीं हैं सब्जी बाड़ियां।

तैयार है बाजार
हाइब्रिड सीड्स। सब्जी बाड़ियों का रुझान बढ़ा हुआ है लेकिन बड़े रकबे में धान की फसल ली गई है। इसलिए टमाटर, बैगन, मिर्च, ग्वार फली, भिंडी, पत्ता गोभी और फूल गोभी के हाइब्रिड बीज का भंडारण कर रहा है बीज बाजार ताकि अगले माह के अंत से शुरू होने वाली इन प्रजातियों की बोनी के दौरान बीज की शॉर्टेज ना हो। 1000 रुपए से लेकर 6000 रुपए तक की कीमत वाले हाइब्रिड के बीज की पहली खरीदी पूरी हो चुकी है।
