सतीश अग्रवाल

बिलासपुर। अब पौधरोपण के लिए जरूरी पौधे पूरे साल मिलेंगे। दिलचस्प यह कि बड़ी संख्या में भी पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। यह संभव हुआ है, उस तकनीक से जिसे मिस्ट चेंबर के नाम से पहचान मिल रही है। इसमें तैयार पौधे ,कीट और कीट प्रकोप से पूरी तरह मुक्त होंगे। मिस्ट चेंबर। कृषि, उद्यानिकी और वानिकी के क्षेत्र में नई तकनीक। यह तकनीक आने वाले सालों में इस क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। मिस्ट चेंबर की मदद से पूरे साल, यानी किसी भी मौसम में ,पौधे तैयार किए जा सकेंगे। दिलचस्पी और हैरत तब और बढ़ जाती है, जब यह जानकारी सामने आती है कि यहां तैयार किए गए पौधे, बिगड़ते या बिगड़ चुके वनों को भी नया जीवन दे सकते हैं।


क्या है मिस्ट चेंबर निश्चित लंबाई और चौड़ाई वाले लोहे के एंगल। यह चेंबर को सहारा देंगे। अल्ट्रावायलेट से उपचारित 500 गेज की पोलीइथिलीन झिल्ली। यह पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक तरंग वाला प्रकाश उपलब्ध करवाएगा। यह मिस्ट चेंबर की सबसे जरूरी वस्तु है क्योंकि इसकी ही वजह से, पौधे के विकास प्रक्रिया के लिए आवश्यक ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड गैस का आदान-प्रदान किया जाना संभव होगा।


चेंबर के भीतर यह भी

बीज रोपण के लिए जरूरी संसाधन में सबसे महत्वपूर्ण है सिचाई प्रबंधन। मिस्ट चेंबर में धुंध सिंचाई की सुविधा है। इसे निरंतर चलते रहने के लिए 1 हॉर्स पावर के मोनोब्लॉक पंप की मदद ली गई है। बताते चलें कि चेंबर के लिए आदर्श माप 16 × 6 मीटर को माना गया है। इस आकार के चेंबर में सबसे बेहतर परिणाम मिले हैं।

ऐसे काम करता है मिस्ट चेंबर

मिस्ट चेंबर में धुंध प्रतिष्ठान की मदद से उच्च स्तर पर सापेक्ष आर्द्रता, कृत्रिम रूप से बनाई जाती है ,जो दबाव में पानी का छिड़काव करती है। दबाव से कोहरा बनता है, जो जड़ और अनुकूलन को प्रेरित करता है। जबकि आर्द्रता, जड़ प्राप्ति की क्रिया को आगे बढ़ाती है। बताते चलें कि चेंबर में तैयार हो रहे पौधे और उसकी जड़ों को मजबूत करने तथा बेहतर विकास के लिए यह क्रिया माइक्रोक्लाइमेट बनाती है। बता दें कि मिस्ट चेंबर में तापमान नियंत्रण स्वचालित प्रणाली के माध्यम से किया जाता है।

होंगे यह लाभ

मिस्ट चेंबर में तैयार पौधों की क्षमता अपेक्षाकृत ज्यादा मजबूत होगी। इससे हासिल पौधों में रोग प्रतिरोधक क्षमता तो होगी ही, साथ ही ये पौधे कीट और कीट प्रकोप से भी खुद को बचाए रखने में सक्षम होंगे। सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि मिस्ट चेंबर में पूरे साल रोपण के लिए पौधे तैयार किए जा सकेंगे ।मात्रा भी चाही गई संख्या में मिलेगी।

वर्ज़न…
मिस्ट चैंबर में पौधों का प्रवर्धन पूरे साल किया जा सकता है क्योंकि चैंबर में वर्षा ऋतु का वातावरण हमेशा रहता है। इसमे तैयार पौधों में रोग तथा कीट प्रकोप बेहद कम होता है। चैंबर निर्माण में 655 रुपये प्रति मीटर की व्यय अनुमानित है।
डॉ. अजित विलियम्स,
साइंटिस्ट, फॉरेस्ट्री, टी.सी.बी, कॉलेज ऑफ एग्री. एंड रिसर्च स्टेशन, बिलासपुर