विधिक माप विज्ञान विभाग की कार्रवाई
बलौदा बाजार। पैक्ड प्रोडक्ट के विज्ञापन में अगर कीमत का उल्लेख किया, तो सामग्री की मात्रा भी लिखनी होगी। नए नियम के प्रभावी होने के बाद पहली ही जांच में विधिक माप विज्ञान विभाग ने 10 से अधिक ऐसी कंपनियों को नोटिस जारी किया है जिनके विज्ञापन में नियम का पालन नहीं होना पाया गया है।
यूनिट सेल प्राइस की अनिवार्यता के बाद विधिक माप विज्ञान विभाग की नजर अब उस नियम की ओर है, जिसका पालन अनिवार्य है। इसके तहत प्रोडक्ट के विज्ञापन में वस्तु की कीमत लिखने पर कुल मात्रा का साफ-साफ उल्लेख करना अनिवार्य होगा। यानी प्रोडक्ट के साथ प्रोडक्ट के विज्ञापन में भी सावधानी बरतनी होगी संबंधित कंपनियों को।

मिल रही ऐसी शिकायतें
आधी-अधूरी होती है उपभोक्ताओं को दी जाने वाली जानकारी। भ्रामक होते हैं विज्ञापन। इससे उपभोक्ताओं तक संबंधित सामग्री की स्पष्ट जानकारी नहीं पहुंचती। बाजार बढ़ाने के लिए दिए जा रहे ऐसे विज्ञापनों को भी विधिक माप विज्ञान विभाग ने जांच के दायरे में ले लिया है। जागरूकता अभियान और समझाइश के बाद भी ऐसे विज्ञापन आते रहे, तो संबंधित कंपनियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

10 से अधिक को नोटिस
जिला विधिक माप विज्ञान विभाग की सख्ती इस बात से जानी जा सकती है कि नए नियम के प्रभावी होने के बाद, अब तक ऐसी 10 से अधिक कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है, जिनके विज्ञापन में नियमों का पालन होना नहीं पाया गया। याने जरूरी जानकारी आधी-अधूरी थी। विभाग का मानना है कि टीवी, अखबार और मोबाइल पर विज्ञापनों का दौर चला हुआ है, ऐसे में उपभोक्ता हितों पर नजर रखना बेहद अनिवार्य है।

लिखना होगा यूनिट सेल प्राइस
1 जनवरी 2024 से प्रभावी यूनिट सेल प्राइस को लेकर भी विभाग ने जांच शुरू कर दी है। इस नियम के अनुसार पैक्ड प्रोडक्ट में दो एमआरपी होगा। पहली एमआरपी कुल वजन के अनुसार होगी, तो दूसरी एमआरपी को यूनिट सेल प्राइस के नाम से जाना जाएगा। यूनिट सेल प्राइस के तहत 1 किलोग्राम से ज्यादा वजन वाली सामग्री की पैकिंग में 1 किलो की वास्तविक कीमत और इससे कम वजन वाले वस्तु की पैकिंग में एक ग्राम की कीमत का दर्शाया जाना अनिवार्य होगा। तरल पदार्थ में 1 लीटर से ज्यादा की पैकिंग पर 1 लीटर की कीमत और इससे कम वजन वाली सामग्री पर एक एम एल की कीमत दर्शानी होगी। संख्या में बिकने वाली सामग्री की पैकिंग में भी कुल कीमत और प्रति नग कीमत का उल्लेख किया जाना अनिवार्य होगा।
अनिवार्य है नियम का पालन
आधी-अधूरी जानकारी वाले विज्ञापन उपभोक्ताओं में भ्रम पैदा करते है । पहली जांच में 10 से अधिक ऐसी कंपनियों को नोटिस दी गई है, जिनके विज्ञापन में नियमों का पालन नहीं होना पाया गया है।
-दामोदर वर्मा, निरीक्षक, जिला विधिक माप विज्ञान विभाग, बलौदा बाजार
