परेशान कर्मचारियों ने महापौर से की मुलाकात समस्या का निवारण कराने लगाई फरियाद
बिलासपुर। रेलवे प्रबंधन ने रेलवे कोविड हॉस्पिटल में बीते साल भर से सेवा दे रहें संविदा पैरामेडिकल स्टॉफ के वेतन में 6 से 12 हजार रूपए की कटौती कर दी. वहीं स्टाफ को रहने के लिए दी सुविधा वापस लेकर प्रबंधन ने रेस्ट हाउस खाली करने नोटिस जारी कर दिया है। प्रबंधन के रवैये को लेकर पैरामेडिकल स्टॉफ ने रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर अपनी परेशानी बताई हैं. इसके साथ ही बिलासपुर महापौर रामशरण यादव से मिलकर सुविधाओं को बहाल रखने पहल करने गुहार लगाई है. वहीं मामले पर रेलवे प्रबंधन का कहना है कि सुविधा और भत्ता एक साथ देना नियमों के खिलाफ है.
पैरामेडिकल कर्मियों ने बताया कोरोना संक्रमण के दौरान रेलवे प्रबंधन ने संविदा में तीन महीने के लिए उन्हें नियुक्त किया था। हर तीन महीने में उनकी संविदा सेवा अवधि को आगे बढ़ाया गया. रेलवे प्रबंधन ने रहने के लिए रेस्ट हाउस, खाना और अस्पताल आने जाने के लिए वाहन सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराया. लेकिन अब जब संक्रमण कम हुआ तो रेलवे प्रबंधन ने दी गई सुविधाओं के बदले हमारे वेतन में से छह से बारह हजार रूपए तक की कटौती कर दी है। अप्रैल माह के वेतन में कटौती शुरु की तो हमने इसकी वजह पूछी तो 3 जून को नोटिस देकर रहने खाने और वाहन की मिल रही सुविधा के बदले कटौती की बात कही। रेलवे प्रबंधन ने रेस्ट हाउस में को भी खाली करने को कह दिया है। ऐसे में हम कोरोना ड्यूटी कर कहाँ जाएंगे। समस्या सुनने के बाद महापौर रामशरण यादव ने कलेक्टर सारांश मित्तर और रेलवे डीआरएम से चर्चा कर स्टॉफ की समस्या बताते हुए उन्हें रेस्ट हाउस से न निकाले की बात कही वहीं समस्या का निवारण करने चर्चा किया।
भत्ता के साथ सुविधा देना नियम के खिलाफ : सीपीआरओ
रेलवे सीपीआरओ साकेत रंजन के बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान तीन-तीन माह के एग्रीमेंट में पैरामेडिकल स्टॉफ की भर्ती की गई थी। शासकीय संस्था के नियमानुसार किसी भी स्टॉफ को हाउस रेंट अलाउंस तभी दिया जाता है जब वो शासकीय आवास का उपयोग नहीं करता और किराया या स्वंम के मकान में रहते है। उसी तरह वाहन अलाउंस में भी यही नियम लागू होता है। लेकिन रेलवे ने इन्हें रहने के लिए आवास और आने जाने के लिए वाहन की सुविधा उपलब्ध कराई थी। इसके बाद भी संविदा वाले पौरामेडिकल स्टॉफ ने अलाउंस के लिए आवेदन किया और उसे वेतन के अलावा इसका भूगतान भी हो गया। जो नियम के अनुसार सही नहीं है। ऐसे में अब रेलवे ने स्पष्ट किया है कि उन्हें या तो अलाउंस का भूगतान किया जाएगा या रहने और आने जाने की सुविधा दी जाएगी। दोनो सुविधा पौरामेडिकल स्टॉफ को नहीं दिया जाएगा। इसी लिए रेलवे ने उनके वेतन में कटौती की है। और उन्हें कहा है कि दो में से एक ही सुविधा मिल पाएगी। उन्हें रेस्ट हाऊस से निकाला नहीं जाएगा। लेकिन यदि ये अलाउंस लेगे तो इन्हें रेलवे द्बारा दी गई सुविधा नहीं मिलेगी।

