दिए जा रहे दोबारा आर्डर



बिलासपुर। कीमत में 30% की वृद्धि। फिर भी खूब खरीदा जा रहा है “लपेटा” पाईप। हर हाल में फसल बचाने की जैसी जी-तोड़ कोशिश किसान कर रहे हैं, उसके बाद इसमें अब शॉर्टेज की स्थिति बनती नजर आ रही है।

बारिश पर ब्रेक। तीखी धूप। मौसम का यह नया रूप किसानों के लिए संकट की वजह बन रहा है क्योंकि फसल को पर्याप्त मात्रा में सिंचाई पानी नहीं मिल रहा है। ऐसे में कुएं, तालाब, पोखर और बरसाती नालों से खेतों तक पानी पहुंचाए जाने लगे हैं। इसलिए लपेटा पाइप की खरीदी जोरों से चल रही है।

फिर भी शॉर्टेज

प्रतिकूल मौसम और चिलचिलाती धूप से खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही है। सूखती फसल को बचाने के लिए कुएं, बोर, तालाब और बरसाती नालों से पानी लिया जा रहा है। पंप तो मिल जा रहे हैं लेकिन पाइप के लिए बाजार ही एकमात्र विकल्प है, जहां लपेटा की खरीदी के लिए बीते साल की तुलना में 30% ज्यादा रकम देनी पड़ रही है। चौतरफा मांग के बाद लपेटा पाईप में शॉर्टेज की स्थिति बनती नजर आने लगी है।

इस साइज में मांग ज्यादा

दो, ढाई और तीन इंच। इन तीन साइज में सिंचाई के लिए लपेटा पाइप आते हैं। ताजा प्रतिकूल मौसम में सबसे ज्यादा मांग 3 इंच साइज वाले पाइप में है। यह इसलिए क्योंकि पांच हार्स पावर वाले पंप में यही उपयोग में लाया जाता है। शेष पहले की दो साइज की पाईप सब्जी बाड़ियों की मांग में रहती है। तेजी के बाद यह तीनों लपेटा पाइप के बंडल क्रमशः 750, 900 और 1000 रुपए में खरीदे जा रहे हैं।

दे रहे दोबारा ऑर्डर

इंदौर, नागपुर और अहमदाबाद। इन तीन शहरों में बनते हैं लपेटा पाइप। बाजार ने जैसी ग्रोथ ली हुई है, उसके बाद बनती शॉर्टेज की स्थिति को देखकर रिटेल और होलसेल काउंटर से होती हुई मांग, इन शहरों तक पहुंच रही है। दोबारा आर्डर दिए जाने के बाद पाइप बनाने वाली इकाइयों में काम के घंटे बढ़ाने की खबरें मिल रहीं हैं। मांग को देखते हुए इस वर्ष उत्पादन, मांग और बिक्री का नया कीर्तिमान बनने की संभावना है।


हो रही शॉर्टेज

प्रतिकूल मौसम के बाद लपेटा पाइप में किसानों की मांग का दबाव लगातार बढ़ रहा है। हल्की शॉर्टेज के बाद कंपनियों को फिर से आर्डर दिए जा रहे हैं।
– अनिल बजाज, बजाज रस्सी वाला, बिलासपुर

By MIG