पुलिस और प्रशासन की लापरवाही लोगों को उकसा रही

दुष्कर्म पीड़िता की माँ के खिलाफ पास्को के तहत अपराध दर्ज होने पर तीन घंटे तक आक्रोशित लोगों ने थाने का किया घेराव

रविवार को बंद रहेगा रतनपुर

रतनपुर। पुलिस और प्रशासन के रुख से तो यही लगता है कि वो छत्तीसगढ़ सरकार की फिर देश में किरकिरी कराना चाहती है। अब ये सरकार की रणनीति है कि बेमेतरा जिले के बिरनपुर की घटना का दोहराव हो या फिर प्रशासन के अफसरों का षणयंत्र ? पुलिस और प्रशासन के अफसरों की इस मामले को लेकर गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता हैं कि सैकड़ों की घेराव के लिए थाने की दहलीज पर खड़ी हो और एसडीएम स्तर के एक जिम्मेदार अफसर की मौजूदगी न हो। ऐसा प्रतीत होता है कि अफसर ही भीड़ को कुछ कर जाने और कर के गुजर जाने के लिए उकसा रही। जिससे सत्ता के लिए अनुकुलता अंकुरित हो सके। … तो सतर्क हो जाएं सरकार !!!

थाना प्रभारी की गंभीर लापरवाही ने चारों युग के अमन पसंद शहर के लोगों में आक्रोश भर दिया है। लंबे अरसे बाद इस तरह गुस्से से थाने पहुंची थी। इसमें कुछ महिलाएं भी थी जो अपने साथ चुड़ियाँ लेकर देने आई थी, उस काबिल अफसर के के सिंह को जिसने अप्राकृतिक संबंध बनाने और पास्को के तहत अपराध दर्ज किया। इसके बाद इसकी जाँच किए बिना ही ढाई महीना पहले ही दुष्कर्म की शिकार पीड़िता की विधवा माँ को गिरफ्तार कर कोर्ट में तत्परता से पेश कर दिया। कोर्ट के आदेश पर आरोपी महिला को जेल भेज दिया गया। कार्रवाई के लिए पुलिस ने शुक्रवार का दिन चुना। इसके बाद दो दिन छुट्टी? क्यों आओ इसका पता लगाए…?
शुक्रवार की शाम छह बजे शहर के हृदय स्थल महामाया चौक में जमा होकर लोग पैदल ही मुख्य सड़क पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते रतनपुर थाना पहुंचे।

मामले को लेकर पुलिस प्रशासन पहले से ही अलर्ट थी, सीएसपी बिलासपुर, एसडीओ पी कोटा के साथ आसपास के थानों के निरीक्षक, उपनिरीक्षक और पुलिस के जवान पहुंच गए थे। इसके साथ ही कार्यपालिक दंडाधिकारी के रूप में सूरज साहू भी मौजूद थे। पुलिस बल ने थाने के गेट पर ही जमा भीड़ को रोक लिया। थाने का घेराव करने पहुँची भीड़ ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने लगातार तीन घंटे तक शांति पूर्ण प्रदर्शन किया। इस बीच कई दौर की चर्चा पुलिस-प्रशासन के अफसरों के साथ प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से होती रही। चर्चा असफल होते रहे।

प्रदर्शन कारी थाना प्रभारी के के सिंह के निलंबन की मांग पर अड़ी रही। मौके पर मौजूद पुलिस के आला अधिकारी और कार्यपालक दंडाधिकारी टालमटोल करते रहे। गुस्से से भरी भीड़ को अफसर समझाने में नाकाम रहे। या यो कहलो कि पुलिस अफसरों की हरकतें थाना प्रभारी को बचाने और सरकार की किरकिरी कराने की पूरी कवायद में जुटी दिखी। घिरते अंधेरे के साथ लोगों का आक्रोश बढता रहा। तीन घंटे बाद भी नतीजा सिफर रहा। रात नौ बजे प्रदर्शन कारियों के प्रतिनिधियों ने थाना प्रभारी के निलंबन की एक सूत्रीय मांग और रविवार को अपराध दर्ज करने के विरोध में रतनपुर शहर बंद रखने की सूचना का ज्ञापन सीएसपी बिलासपुर राजेन्द्र कुमार जायसवाल और कार्यपालक दंडाधिकारी प्रकाश साहू को सौंप कर लौट गए।

पुलिस के सद्बुद्धि के लिए पढ़ी हनुमान चालीसा
रतनपुर थाना के सामने हनुमान जी की छोटी सी मंदिर है। कई दौर की बात चीत के बाद भी अफसरों के रुख में बदलाव नहीं होने पर भीड़ में शामिल कुछ लोग मंदिर के सामने बैठ गए और पुलिस प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए हनुमान चालीसा का पाठ किया।

ये अच्छा हुआ
दुष्कर्म पीड़िता की माँ पर अपराध दर्ज होने के बाद सोशलमीडिया पर जिस तरह की खबरें वायरल हो रही थी मामला काफी संवेदनशील हो गया था। शनिवार को छग विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल और ब्राह्मण समाज बिलासपुर और रतनपुर के प्रतिनिधिमण्डल ने पुलिस अधीक्षक बिलासपुर से भेंट कर थाना प्रभारी को निलंबित कर मामले की जांच कर झूठ का पर्दाफाश करने की मांग रखी। ज्ञापन में किसी ने भी साम्प्रदायिक चश्मे से मामले को नहीं देखा है। सबने कार्रवाई में पुलिस प्रशासन की हड़बड़ी और की गई गड़बड़ी पर सवाल उठाएं है।