तेवर दिखा रहा केजव्हील और कल्टीवेटर
भाटापारा। एक ही झटके में 30 हजार रुपए की तेजी के बाद,अब ट्रॉली 2 लाख 50 हजार में खरीदी जा सकेगी। इसी से जुड़े ट्रैक्टर के अन्य सह-उपकरणों में भी कीमत बढ़ चुकी है। पूछताछ का सिलसिला तो जारी है लेकिन कारोबारी माहौल शांत है।
खरीफ सत्र के दिन करीब आ रहे हैं लिहाजा भारी वाहनों में ट्रैक्टर का बाजार, इंतजार कर रहा है मांग और खरीदी के दिन का। लेकिन बेहतर की संभावना पर थोड़ा संशय इसलिए बना हुआ है क्योंकि ट्रैक्टर के लगभग सभी सह-उपकरणों की कीमतों में भारी तेजी आ चुकी है। इसके बावजूद निकल रही पूछताछ से उम्मीद बनी हुई है।

पहली जरूरत में ही झटका
खरीफ सत्र की शुरुआत, गोबर खाद के परिवहन से होती है। बगैर ट्रॉली के लगभग असंभव है यह काम। शुरुआत में ही ट्रॉली की खरीदी पर बीते साल की तुलना में 30 हजार रुपए ज्यादा देने होंगे। जारी दरों के मुताबिक नई ट्रैक्टर ट्रॉली की कीमत 2 लाख 50 हजार रुपए हो गई है। अहम है ट्रॉली की खरीदी। स्वीकार है यह कीमत।

अहमियत बरकरार
केजव्हील और कल्टीवेटर। गर्मी यह दोनों भी दिखा रहे हैं। बीते बरस तक 21 हजार रुपए में मिलने वाला कल्टीवेटर इस साल 23 हजार रुपए में खरीदा जा सकेगा। 1 हजार रुपए की बढ़त के बाद केजव्हील की नई कीमत 15 हजार 500 रुपए बताई जा रही है। बगैर इन दोनों उपकरणों के खेती कठिन है, इसलिए दिए जा रहे हैं ऑर्डर।

पीछे यह भी नहीं
वर्षा जल तक का फैलाव, खेतों में सामान रहे इसके लिए समतलीकरण जरूरी है। इस काम में भरपूर मदद करने वाले उपकरण लेबलर में 1000 रुपए की आंशिक बढ़ोतरी हुई है। बढ़ी हुई कीमत के बाद यह 14 हजार रुपए में मिलेगा। अहम है रोटावेटर भी। आगत खरीफ सत्र के पूर्व इसके लिए 1 लाख 20 हजार रुपए लगेंगे। बीते सत्र में यह उपकरण 1लाख 10 हजार में उपलब्ध था।
स्थिर है बाजार
लोहे की दर स्थिर है लेकिन रॉ- मैटेरियल और श्रम महंगा हुआ है। इसलिए कीमत में बढ़त है। बाजार में निकल रही पूछताछ से बेहतरी की संभावना है।
– प्रदीप अग्रवाल, ऋषभ ट्रैक्टर्स, भाटापारा
