भरपूर आवक, भरपूर लिवाली
भाटापारा। खुश है सरना। प्रसन्न है किसान। बरसों बाद सरना में 1750 से 1780 रुपए क्विंटल के भाव बोले जा रहे हैं। तेजी की संभावना बनी हुई नजर आती है क्योंकि चावल मिलों की लिवाली फिलहाल बने रहने के आसार हैं।
हमेशा से पीछे रहता आया है सरना। अब माना जा रहा है कि महामाया के समानांतर चलने की स्थिति इसने बना ली है। ऐसी धारणा के बीच महामाया ने अपनी चाल तेज कर दी है। भरपूर आवक और भरपूर खरीदी के बाद इसमें राईस और पोहा क्वालिटी के धान के भाव बढ़त लिए हुए हैं।

अब मेरी बारी
सीजन और ऑफ सीजन। दोनों चरणों में सरना की कीमत 1400 से 1600 रुपए के आस पास रहती आई है। यह पहला साल होगा, जब भाव 1750 से 1780 रूपये क्विंटल बोला जा रहा है। भरपूर आवक और जोरदार खरीदी के बीच इसमें आंशिक तेजी के आसार बने हुए हैं।

मजबूत महामाया
बारिश के दिनों में उठने वाली संभावित मांग को देखते हुए पोहा मिलों ने महामाया धान में जैसी खरीदी चालू रखी है, उसका असर मजबूत कीमत के रूप में देखा जा रहा है। राईस क्वालिटी का महामाया 1600 से 1700 रुपए क्विंटल पर खरीदा जा रहा है, तो पोहा क्वालिटी के धान में 1850 से 1900 रुपए क्विंटल की बोली है।

यहां भी गर्मी
भंडारण की मनोवृति के बीच धान की बारीक किस्मों में भी जोरदार खरीदी निकल रही है। इसलिए सर्वाधिक मांग वाला धान विष्णुभोग 3200 से 3400 रुपए पर पहुंच गया है। 2300 से 2400 रुपए की कीमत के साथ सियाराम दूसरे नंबर पर है। सदाबहार एचएमटी 2200 से 2300 रुपए की कीमत के साथ अपने रुख पर कायम है।
