खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई


बलौदा बाजार। 4 मार्च को हुई इस परीक्षा में 80 सामग्रियों ने हिस्सा लिया था। इसमें 75 पास हुए, तो 5 को फेल घोषित कर दिया गया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के लिए यह परिणाम उत्साह बढ़ाने वाला रहा लेकिन भाटापारा के परिणाम प्रशासन के लिए चिंता की वजह बन रहे हैं।

होली के ठीक पहले जैसी कार्रवाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने की, उसे खाद्य एवं पेय पदार्थ कारोबार क्षेत्र हैरत से देख रहा है क्योंकि पहली बार गन्ना जूस जैसे कारोबार पर प्रशासन ने शिकंजा कसा। बड़े पैमाने पर खामियां मिली, भाटापारा में। जिला मुख्यालय में रिकार्ड 80 सैंपल लिए गए, जिसमें मात्र 5 फेल हुए, शेष 75 को पास घोषित कर दिया गया।

हताश कर रहा भाटापारा

3 मार्च को खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सख्त तेवर दिखाते हुए भाटापारा में 15 संस्थानों की जांच की। सैंपल लिए। असुरक्षित और अमानक खाद्य एवं पेय पदार्थ बनते और बिकते मिले। नष्टीकरण और नोटिस जैसी कार्रवाई की लेकिन जैसी ढिठाई यह शहर दिखा रहा है, उससे केवल परेशानी ही बढ़ रही है क्योंकि पिछली जांच में भी ऐसे ही मामले बने थे।

मानक पर खरा यह शहर

4 मार्च को मोबाइल फूड लैब वैन जिला मुख्यालय पहुंची। देर शाम तक यहां हुए परीक्षण में 80 सैंपल लिए गए। जिसमें मिठाइयों की हर किस्म थी। शाम होने के बाद प्रयोगशाला ने जो परिणाम घोषित किए उसने प्रशासन और संस्थानों की अटकी सांस फिर से सामान्य करने में भरपूर मदद की। रिजल्ट में 75 सामग्रियों को पास घोषित किया गया। मात्र 5 ही ऐसे रहे, जिन्हें फेल घोषित किया गया।

आगे क्या ?

भाटापारा में की गई जांच और परिणाम से चिंतित खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अब इस शहर में निरंतर जांच की योजना बनाई है। यह इसलिए क्योंकि कार्रवाई के बाद भी यहां सुधार होता नजर नहीं आ रहा है। उच्च अधिकारियों को जिले की स्थिति की जानकारी दी जाकर आगामी आदेश की प्रतीक्षा की जा रही।

होगी निरंतर जांच

जिला मुख्यालय में जांच के परिणाम संतोषजनक रहे लेकिन भाटापारा में सुधार की भरपूर गुंजाइश है। इसलिए यहां निरंतर जांच की योजना है।
– उमेश वर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, बलौदा बाजार