बिलासपुर। लोरमी विधानसभा क्षेत्र के विधायक धर्मजीत सिंह ठाकुर रविवार को अपने पुराने विधानसभा क्षेत्र लोरमी पंडरिया के सुदूर आदिवासी अंचल सिंदूर खार जाकर मड़ई मेला कार्यक्रम में शामिल हुए। धर्मजीत सिंह जब लोरमी पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक हुआ करते थे तब वे यहां हर साल मड़ई मेला का आयोजन कर नववर्ष का मिलन समारोह मनाया करते थे।पिछले कुछ समय से बंद यह परंपरा उन्होंने फिर से शुरू कराई और वहां पहुंच कर पुराने आदिवासी साथियों के साथ मड़ाई मेला के आयोजन में हिस्सा लिया। इस दौरान पुराने पार्टी के कार्यकर्ता सरपंच सहयोगी और आतमीय लगाव वाले आदिवासियों के बीच खुद को पाकर उन्होंने काफी सुखद अनुभव किया। हालांकि इस दौरान उनसे विकास कार्यों की मांग की गई।अभी भी स्थानीय लोग उन्हें अपना विधायक ही समझते हैं यही कारण है कि पुल पुलिया सड़क बिजली सहित अन्य विकास कार्यों की उनसे मांग की गई।श्री ठाकुर पहले की ही तरह पूरे आत्मीयता के साथ उनकी मांगों को स्वीकार किया और कहा कि विधायक ना होने के बावजूद उनकी मांगों को विधानसभा में रखेंगे और साथी विधायक मंत्रियों से कहकर उनके इन कार्यों को मंजूरी दिलवाएंगे। काफी दिनों बाद पहुंचे विधायक धर्मजीत का यहां आत्मीय स्वागत किया गया। उनके इस प्रवास को राजनीतिक नजरिया से भी देखा जा सकता है क्योंकि भाजपा से लगातार उनकी बनती नज़दीकियां कहीं ना कहीं उन्हें अपनी और खींच रही है। इसके पीछे वजह जोगी कांग्रेस के अस्तित्व पर संकट मंडराया हुआ है।कांग्रेस में दूसरे खेमे से उनकी पट नहीं रही है। अब ऐसे में उनके पास विकल्प भारतीय जनता पार्टी ही दिखाई दे रही है। हालांकि उन्होंने इस दौरान यहां यह भी कहा कि अभी कोई चुनाव का समय नहीं है इसलिए किसी तरह की संभावनाएं अभी नहीं तलाशी जानी चाहिए लेकिन समय आएगा तो इसका जरूर खुलासा करेंगे।