समिति ने कई केंद्रों में सेनेटाइजर और थर्मल स्केनर मशीन भी नहीं रखी

  • बिलासपुर। कोरोना की जांच में बड़ी लापरवाही जिले में सामने आई है। किसानों की धान खरीदी के दौरान जांच को अनिवार्य किया गया था, लेकिन इस सरकारी आदेश की खुलेआम अनदेखी हो गई। धान खरीदी केंद्रों में पहुंचे किसानों व समितियों में काम करने वाले कर्मचारियों ने सरकार के इस आदेश का पालन नहीं किया। यह तब हुआ जब कोरोना का संक्रमण खत्म नहीं हुआ है, लगातार जिले में 1०० से अधिक संक्रमित मिल रहे हैं। जिले के 7539० किसान धान बेच चुके हैं, लेकिन कोरोना के लिए एक भी किसान का सैंपल नहीं लिया गया है। जिले में इस समय 124 धान खरीदी केंद्र हैं। इनमें से एक भी धान खरीदी केंद्रों में किसान व वहां के स्टाफ की जांच नहीं हो पाई। न ही हेल्थ विभाग ने गंभीरता दिखाई, न ही किसानों ने इसे लेकर रुचि ली। लोकस्वर के पड़ताल में खुलासा हुआ है कि धान बेचने पहुंचे 7539० किसानों की कोरोना जांच नहीं हो पाई, जबकि उनकी जांच कराई जानी थी। वर्तमान में जिले के 124 धान खरीदी केंद्र में 7539० किसानों ने धान बेच लिया है। यदि हेल्थ विभाग धान खरीदी केंद्रों में जांच को लेकर सक्रिय रहती तो जिले के किसानों के जांच भी हो पाते। लेकिन अफसरों की लापरवाही के कारण धान खरीदी शुरु हुए 1 माह बीतने के बाद भी केंद्रों मे न तो कोरोना जांच की जा रही है और न ही किसानों को करोना के प्रति जागरुक किया जा रहा है।
    -0 सेनेटाइजर और थर्मल स्केनर मशीन भी नहीं
    जिले के कई धान खरीदी केंद्रों में विपणन समिति धान बेचने आने वाले किसानों के लिए सेनेटाइजर और थर्मल स्केनर मशीन ही नहीं रखी है। ऐसे में धान बेचने आने वाले किसानों को संक्रमण फैलने का खतरा है। इसके साथ ही खरीदी केंद्रों में टोकन लेने के लिए भी बड़ी संख्या में किसान की भीड़ उमड़ रही है। जिन्हें न तो सोशल डिस्टेंसींग और न ही कोरोना से बचने के उपाय समिति के सदस्य बता रहें है।
    -0अधिकारी नही दे रहें ध्यान
    धान खरीदी केंद्रों में 1 दिसंबर से खरीदी शुरु हो गई है। लेकिन कोरोना संक्रमण को लेकर यहां कोई भी तैयारी नहीं की गई है। जिले के धान खरीदी केंद्रों में अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहें है। एक महिना बीत जाने के बाद आज तक किसी भी धान खरीदी केंद्र मे न ही अधिकारी निरीक्षण के लिए पहंुचे और न ही कभी कोविड जांच करने के लिए किसी टीम ने दस्तक दिया।
    -0 तय की गई गाइडलाइन लेकिन नहीं हो रहा पालन
  • सभी खरीदी केंद्रों में सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया जाए।
  • किसानों व स्टॉफ को बिना मॉस्क के खरीदी केंद्रों में प्रवेश न मिले।
  • टोकन वितरण और खरीदी के दौरान सोशल डिस्टेंसिग का पालन हो।
  • कोरोनी की जांच की जाए।
    -0 धान खरीदी में इसलिए है कोरोना की जांच जरूरी
    जिले में कोरोना से अब तक 19574 लोग संक्रमित हो चुके हैं और 288 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। धान खरीदी एक दिसंबर को शुरू हुई। नए साल जनवरी में 7 तारीख तक 512 मरीज मिल चुके हैं। हर दिन औसत 8० से अधिक मरीज मिल रहे हैं। खतरा बना हुआ है। धान की खरीदी के दौरान हजारों की संख्या में किसान केंद्रों तक पहुंचते हैं। यदि एक भी संक्रमित मिला तो आसपास के अन्य क्षेत्रों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा। इसे देखते हुए सभी जगहों पर इसे अनिवार्य किया गया। लेकिन अब तक धान खरीदी केंद्रों में कोरोना की जांच शुरु ही नहीं हुई है।
    -0 वर्जन…….
    धान खरीदी केंद्रों में किसानों की जांच के लिए ब्लॉक स्तरीय कोविड जांच करने वाले टीम को निर्देशित किया जाएगा। धान खरीदी केंद्रों में पहंुचने वाले किसानों का भी सैंपल लिया जाएगा। डॉ.प्रमोद महाजन सीएमएचओं।