00 अस्पताल के सुरक्षा गार्ड को दी गई फायर सेफ्टी की ट्रेनिग

बिलासपुर। सिम्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आगजनी की घटनाएं रोकने के लिए डयूटीरत कार्मिकों व चिकित्साकर्मियों को प्रशिक्षण दिया। साथ ही सुरक्षा गार्ड को भी बुधवार को फायर सेफ्टी की ट्रेनिग दी गई। अस्पतालों में फायर फाइटिग के उपायों की समीक्षा की। फायर प्रिवेंशन ड्रिल करवाई। विशेषज्ञों ने बताया कि आग शुरू में हमेशा हल्की होती है। उसे उसी समय रोक देना बेहतर है। लेकिन अक्सर उस वक्त हम घबरा जाते हैं और आग लगने पर तत्काल कोई कदम नहीं उठा पाते। यह भी कह सकते हैं कि हम इसलिए कदम उठा नहीं पाते क्योंकि हमने पहले से तैयारी नहीं की होती है और आग बढ़ जाती है। मसलन फायर एक्स्टिंगग्विशर रखा है, लेकिन हमें उसे चलाना नहीं आता। ऐसे में जरूरी है कि हम आग से निपटने के लिए पहले से तैयार रहें। सेफ्टी के लिए कर्मचारियों और गार्ड को विशेष प्रशिक्षण दिया विशेषज्ञ ने सभी गार्ड को फायर सेफ्टी के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया। पीआरओं आरती पांडे ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल के 5० से अधिक फायर सिलेंडर का रिफिलिग कराया जा चुका है। चूकि गर्मी के दिनों में आगजनी की आशंका बनी रहती है इसलिए कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
-0 कई बार लग चुकी है आग
सिम्स अस्पताल में कई बार आगजनी हो चुकी है। पिछले वर्ष सिम्स में 22 जनवरी को आगजनी की घटना घटी जिसके बाद एनआइसीयू में गंभीर हालत में भर्ती नवजातों को हटना पड़ा था। बाद में इसमें से पांच की मौत हो गई। घटना में सिम्स की अव्यवस्था सबके सामने आ गई। मंत्री से लेकर अधिकारियों के निरीक्षण में जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही को घटना का प्रमुख कारण माना गया। और सिम्स के सात डॉक्टरों का तबादला भी किया गया। ऐसी घटनाएं रोकने के लिए डयूटीरत कार्मिकों व चिकित्साकर्मियों को फायर सेफ्टी का प्रशिक्षण दिया।
