कृषि महाविद्यालय में मनाया राष्ट्रीय युवा दिवस
बिलासपुर। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर में स्वामी विवेकानंद की 160 वीं जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई गई।
भारत सरकार द्वारा वर्ष 1984 से 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की गई थी। राष्ट्रीय युवा दिवस की 26 वीं वर्षगांठ के अवसर पर कृषि महाविद्यालय बिलासपुर में छात्र-छात्राओं के लिए “देश के वैचारिक और बौद्धिक विकास में स्वामी विवेकानंद की भूमिका” विषय पर भाषण व “सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव युवा पीढ़ी की प्रगति में बाधक है” विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. एन.के. चौरे ने कहा युवावस्था पूरे जीवन काल की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है। इस अवस्था में उन्हें ऐसे वातावरण में रहना चाहिए जहां ना केवल मानसिक और शारीरिक विकास हो बल्कि वह वातावरण उनका सांसारिक विकास कर उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर सके । स्वामी विवेकानंद के जीवन चरित्र का चिंतन मनन कर युवा अपने जीवन में आत्मसात करें। कार्यक्रम का शुभारंभ अधिष्ठाता डॉ. चौरे ने मां सरस्वती की प्रतिमा व स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया । कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना अजीत विलियम्स व आभार अर्चना केरकेट्टा ने व्यक्त किया l इस मौके पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
जीवन में कुछ भी असंभव नहीं- विलियम्स
रासेयो कार्यक्रम अधिकारी अजीत विलियम्स ने कहा जीवन में कोई भी कार्य असंभव नहीं है। युवा चाहे तो आसमान की ऊंचाइयों को भी छू सकते हैं। बस आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें अर्जुन की भांति अपने लक्ष्य को भेदने की है, तभी सफलता आपको प्राप्त होगी । विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. आर.के. शुक्ला ने राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्त्व को बताते हुए स्वामी विवेकानंद के विचार के अनुरूप रासेयो के उद्देश्यों को आत्मसात करने के लिए युवाओं से आह्वान किया।
