मूंगफली और राजगीर में भी गर्मी
बिलासपुर। पर्व और मौसम की मांग की प्रतीक्षा में है तिल। इंतजार मूंगफली और राजगीर को भी है लेकिन थोड़ी चिंता इस बात की है कि खरीदी की मात्रा कम ना हो जाए क्योंकि कीमतें बढ़त ले रहीं हैं।
मकर संक्रांति और शीत ऋतु के मौसम में मांग पर हमेशा रहता आया है तिल, राजगीर और मूंगफली दाना। लड्डू और पापड़ी बनाने वाली इकाईयों ने तो खरीदी चालू कर दी है लेकिन घरेलू मांग अब तक नहीं निकली है। इसलिए प्रतीक्षा कर रहा है यह बाजार।

तिल में तूफान
मकर संक्रांति के दिन करीब आ रहे हैंं। शीत ऋतु भी शबाब पर है। ऐसे में मांग में दोगुनी वृद्धि की संभावना है लेकिन रोज बढ़ती कीमत इसमें बड़ी बाधा बन रही है। इस समय लोकल काली तिल 130 रुपए किलो पर चल रही है, तो उत्पादक राज्यों की फसल को 170 से 180 रुपए किलो में विक्रय किया जा रहा है। तिल गज्जर में भाव 130 रुपए किलो बोले जा रहे हैं। 190 रुपए किलो की कीमत के साथ सफेद तिल शिखर पर बना हुआ है।

मांग में अव्वल
राजगीर के लिए अब सीजन महत्व नहीं रखता क्योंकि यह लगभग पूरे साल मांग में बना रहने लगा है। हर उम्र वर्ग के उपभोक्ता के बीच लोकप्रिय राजगीर की खरीदी भी तेजी के बीच करनी होगी। स्थानीय उत्पादन की कीमत जहां 105 रुपए किलो बोली जा रही है, वहीं पड़ोसी राज्यों की फसल को 110 रुपए किलो की कीमत मिल रही है।

गर्म हुआ मूंगफली दाना
तिल और राजगीर की ही तरह मूंगफली दाना में भी गर्मी आ चुकी है। यह भी मांग में पूरे साल बना रहता है। होलसेल खरीदी के बाद इसकी पहुंच रिटेल काउंटरों में भी हो चुकी है। प्रतीक्षा उस घरेलू मांग की है जिसके दम पर यह रौनक में रहता है। तेजी की गर्मी के बीच इसकी प्रति किलो खरीदी पर 105 से 110 रुपए खर्च करने होंगे। इकाइयों की खरीदी इसमें भी चालू हो चुकी है।
