रेड क्रॉस सोसाइटी की मिसिंग जमीन का मामला

तत्कालीन आरआई अशोक कुमार सोनी की खुलेगी पोल

रतनपुर । सीमांकन दल ने पटवारी हल्का नंबर 12 के खसरा नंबर 3600 और 3600/1 के रकबे के जमीन की हुई खरीदी-बिक्री के बाद हुए खसरा बटांकन के हिसाब से काबिज लोगों की जमीनों और उस पर बने मकानों की पैमाइश की। इससे तो यह स्पष्ट हो ही जाएगा कि मौके पर दोनों खसरे की कुल कितनी जमीन है और इन पर कितनी कितनी जमीनों पर कौन कौन लोग काबिज है, वहीं मौके पर मौजूद खाली जमीन कितनी है। पेंड्रा रोड के चौड़ीकरण में कितनी जमीन पर सड़क बन गया। इसके साथ ही इन खबरों की आबादी जमीन मौके पर कितनी बचीं है। इसका खुलासा तो पैमाइश के बाद बनने वाले पंचनामा और सीमांकन के नजरी नक्शे से ही हो सकेगा, जो अब सीमांकन दल के द्वारा न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को सौंपा जाना है। अब कागज का सच कैसा होगा इस पर सब की नजर अटकी है।


आज बुधवार का दिन गुजरा। यानि भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी बिलासपुर ब्रांच की रतनपुर स्थित खसरा नंबर 3600/4 और 3001/3 रकबा 84 डिसमिल जमीन के सीमांकन के मुहुर्त का दिन। महामाया मौक की चर्चित बेशकीमती आबादी जमीन से पैमाइश शुरू हुई। तय समय में छह सदस्यों के सीमांकन दल का बस्ता खुला, टेप के साथ जरीब झोले से बाहर आया। जमीन पर रेंगते जरीब की आवाज दर्शक दीर्घा से जांच अमले पर नजर जमाएं लोगों ने महसूस की। दर्शक दीर्घा में मौजूद प्रबुद्ध वर्ग के लोगों की दिलों की धड़कन तेज हुई, तो कुछ प्रभावितों के ब्लडप्रेशर का पारा शिखर की ओर जाता दिखा। जरीब का रुख जैसे जैसे आबादी जमीन पर रेंगता गया वैसे ही कुछ जमीर बेचने वाले दर्शकों के सीने पर तो सांप भी लोटने लगे। कुछ ऐसे भी रहे जिनका अपने मोबाईल के बूते सिस्टम पर भरोसा और पुख्ता होते दिखा. दर्शक दीर्घा के लोगों की नजर सिस्टम के भरोसे बेफ्रिक लोगों की ओर थी, वहीं सिस्टम तो उनके भरोसे को बांगर सीमेंट से जोड़ने पर जुटी दिखी. वहीं कुछ लोग …. लेने बेशर्मी की ताल ठोकते भी नजर आए। जरीब इधर से उधर इस कोने से उस कोने तक सरकता रहा। पैमाइश की तहरीर सफेद कागज पर कालिख उकेरती रही। जांच अमले ने दोपहर का लंच भी लिखा. शाम तक नोटिस में दर्ज नामवरों की जमीन पर जरीब रेंगती रही। कागज पर पैमाइश की तहरीर चस्पा होता रहा। दर्शक दीर्घा के लोग भी अपनी सुविधा अनुसार आ जा के गुलाबी धूप के साथ ठंड में मची सरगर्मी का मज़ा लूटते रहे। अमले ने जरीब समेटी, बस्ते बंद कर कागज पर छापा तहरीर फाइल में बंद कर, उम्मीद छोड़ चले गए।

इन्होंने किया सीमांकन

भूमाफियाओं बदनियति के शिकार शहर की चर्चित और सबसे पौश इलाका महामाया चौक स्थित भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी ब्रांच बिलासपुर की बेशकीमती करोड़ों रुपए मूल्य की 84 डिसमिल जमीन का सीमांकन करने अमित कुमार गुप्ता राजस्व निरीक्षक करगीकला, इन्द्र कुमार सिंह राजस्व निरीक्षक बेलगहना, मुकेश साहू राजस्व निरीक्षक, टेगनमाड़ा, पटवारी दिलीप कुमार परस्ते प.ह.न. 12 मुख्यालय रतनपुर, जयप्रकाश आडिल पटवारी ग्राम नवागांव-कर्रा, राजेश पाण्डेय पटवारी ग्राम रानी गाँव पहुंचे। हालांकि की सुरक्षा के लिए मौके पर पुलिस की मौजूदगी नहीं दिखी। सीमांकन के दौरान तहसीलदार रतनपुर ने भी अपनी उपस्थित दर्ज कराई।

क्या है मामला

भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी बिलासपुर शाखा की पटवारी हल्का नंबर 12 के खसरा नंबर 3600/4 और 3601/3 रकबा 0.340 हेक्टेयर ( 84 डिसमिल) बेशकीमती जमीन है. इसमें मुख्य मार्ग पर रेड क्रॉस सोसाइटी का व्यवसायिक काम्प्लेक्स बना है. वहीं पीछे पड़ी खाली जमीन में से करीब 20 डिसमिल जमीन मिसिंग है. जमीन की पतासाजी के लिए सीमांकन करने भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी बिलासपुर शाखा ने न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय में आवेदन किया है. इस पर सीमांकन करने के लिए तीन राजस्व निरीक्षक और तीन पटवारी का दल बनाया गया है. जो दूसरी बार सीमांकन करने मौके पर पहुँचे.