सुझाव और समस्या पर ध्यान

भाटापारा। नए शिक्षा सत्र से शुरू हुई, चार महत्वपूर्ण योजना की समीक्षा की तैयारी है। खामियां मिलने की स्थिति में समस्याएं पूछी जाएंगी और दूर करने के लिए जरूरी सुझाव दिए जाएंगे।

बीते शिक्षा सत्र में शुरू की गई योजनाओं की जैसी बदहाली देखने में आई ,उससे सबक लेते हुए इस बार सत्र की शुरुआत से ही विभाग सतर्क है। योजनाओं के क्रियान्वयन पर न केवल नजर रखी जा रही है बल्कि समय-समय पर सुझाव भी दिए जा रहे हैं। लेकिन पहली बार उन चार अहम योजनाओं की समीक्षा किए जाने की तैयारी है,जिन्हें तनाव मुक्त वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

समीक्षा इन योजनाओं की

हैंड राइटिंग- ऑनलाइन कक्षाओं की वजह से छात्रों की लिखावट बिगड़ चुकी थी। इसलिए ऑफलाइन क्लास शुरू होते ही प्रतिदिन दो पृष्ठ का इमला लिखवाने की अनिवार्यता प्रभावी है। उपस्थिति बढ़ाने पर जोर देने वाली इस दूसरी योजना के तहत प्रतिदिन स्कूल आने पर माह के अंत में नियमित उपस्थिति वाले छात्र को पुरस्कार दिए जाने जैसी योजनाएं भी प्रभावी हैं। बस्ते के बोझ से एक दिन के लिए छुटकारा दिलाने के लिए शनिवार को “नो स्कूल बैग डे” प्लान को अब तक बेहतर प्रतिसाद मिलने की खबरें हैं। स्कूलों में घर जैसा माहौल देने की गरज से शुरू की गई “कैसा लग रहा है?” पूछने की योजना की प्रगति भी जानी जाएगी।

होगी समीक्षा

शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद लागू की गई इन चारों योजनाओं की सफलता का पूरा दारोमदार स्कूल प्रबंधन की गंभीरता पर है। योजनाएं किसी भी सूरत में असफल ना हों, इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों पर जिम्मेदारी है। सतत मॉनिटरिंग तो हो रही है लेकिन कुछ एक स्कूलों से मिल रही प्रतिकूल जानकारियों के बाद खंड शिक्षा विभाग ने समीक्षा की योजना तैयार की है।

समस्या और सुझाव

जानकारी के मुताबिक खंड क्षेत्र की सभी स्कूलों से योजनाओं की प्रगति पूछी जाएगी। खामियां मिलने की दशा में दिक्कत की जानकारी ली जाएगी। हल करने की स्थिति में स्कूलों को मुख्यालय से सुझाव दिए जाएंगे। समस्या ज्यादा गंभीर हुई तो खंड शिक्षा मुख्यालय से अधिकारी संबंधित स्कूल जाएंगे और दिक्कत दूर करने में प्रबंधन की मदद करेंगे।

समीक्षा की योजना

निर्बाध शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बनाई गई योजना स्कूलों में क्रियान्वित की जा रहीं हैंं। दिक्कतों पर पूरा ध्यान है। इन्हें दूर करने के लिए समीक्षा की तैयारी की जा रही है।
– के के यदु, बी ई ओ, भाटापारा