कोंडागांव। खाई खजाना बनाने वाले कृपया ध्यान दें। खाद्य पदार्थ की पैकिंग के मुख्य भाग में देना होगा उत्पाद का नाम जिससे उसकी सही प्रकृति की जानकारी स्पष्ट हो सके। सतर्कता का संदेश उन विक्रेता संस्थानों को भी जिनका सीधा संपर्क उपभोक्ताओं से बना हुआ है।
पर्व नवरात्रि का। सीजन चना, मुरमुरा, लाई, करी लड्डू सहित ऐसी खाद्य सामग्री का जिनकी दुकानें देवी मंदिरों के करीब लगी हुईं हैं। मांग ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले साप्ताहिक हाट- बाजारों से भी निकली हुई है लेकिन खाई खजाना बनाने वाली ईकाइयां भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के खाद्य सुरक्षा और मानक (लेबलिंग और प्रदर्शन) विनियम-2020 के पालन को लेकर गंभीर नहीं हैं। इसलिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सघन जांच अभियान के पूर्व अलर्ट जारी करते हुए नियमों के पालन का आग्रह किया है।

इनमें नहीं मिल रही जानकारियां
नड्डा, चना, मूंगफली, लाई, मुरमुरा, राजगीर और सेव से बने लड्डू और पापड़ी खूब बनाएं और बेचे जाते हैं लेकिन इनकी पैकिंग में भारतीय खाद्य एवं सुरक्षा मानक प्राधिकरण के खाद्य सुरक्षा और मानक (लेबलिंग और प्रदर्शन) विनियम-2020 के पालन की जानकारियां अंकित नहीं हैं। इन खाद्य सामग्रियों के अलावा कई ऐसी सामग्रियां भी हैं, जो नवरात्रि के मौके पर ही बनाए और बेचे जाते हैं। बताते चलें कि जांच के दौरान यह जानकारियां नहीं मिलने की स्थिति में मिथ्या छाप की श्रेणी में रखे जाने के नियम हैं। जिसमें तीन लाख रुपए के अर्थ दंड का प्रावधान है।
देना है यह जानकारियां
खाद्य सुरक्षा और मानक (लेबलिंग और प्रदर्शन) विनियम-2020 के अंतर्गत पैकेट के मुख्य भाग पर उत्पाद का नाम होना अनिवार्य है। इससे उसकी सही प्रकृति की जानकारी मिलेगी। उत्पाद बनाने के दौरान सभी संघटकों को उनके वजन के घटते क्रम में लिखना अनिवार्य है। ऊर्जा, वसा, शर्करा, प्रोटीन और सोडियम जैसी पोषण जानकारियां प्रति 100 ग्राम के आधार पर देनी होगी। शाकाहारी के लिए हरा गोल और मांसाहारी के लिए भूरा त्रिकोण का लोगो अंकित करना अनिवार्य है। इसी तरह फेसाई का प्रतीक चिन्ह और लायसेंस नंबर के साथ ब्रांड के मालिक का लाइसेंस नंबर और लोगो स्पष्ट रूप से नजर आना चाहिए। उत्पाद का शुद्ध वजन और कस्टमर केयर विवरण अनिवार्य है। निर्माण की तारीख और उत्पाद की समाप्ति तिथि का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। सबसे अंत में निर्माता, पैकर्स या विक्रेता का नाम एवं पूरा पता अनिवार्य रूप से अंकित करना होगा।

इसलिए अनिवार्य
अधिकतर उपभोक्ता बच्चे होते हैं। प्रतिकूल स्थितियों में खान-पान की जानकारियां नहीं मिल सकती। फलत: सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन। इसलिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सघन जांच अभियान के पहले खाई- खजाना बनाने और बेचने वाली संस्थानों से खाद्य सुरक्षा और मानक (लेबलिंग और प्रदर्शन) विनियम -2020 का पालन गंभीरता के साथ करने का आग्रह किया है।
अनिवार्य है पालन
फौरी जांच में खाई- खजाना की पैकिंग में खाद्य सुरक्षा और मानक (लेबलिंग और प्रदर्शन) विनियम -2020 का पालन नहीं किये जाने की जानकारियां मिल रहीं हैं। अनिवार्य है पैकिंग में जरूरी जानकारियों का उल्लेख किया जाना। सघन जांच के पूर्व जागरूकता अभियान की शुरुआत बहुत जल्द कर रहे हैं।
–रोशन वर्मा, अभिहित अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, कोंडागांव
