लाइसेंस डिस्प्ले और मिठाइयों की ट्रे में जरूरी जानकारी का अभाव
बिलासपुर। संकेत, और सख्ती के मिल रहे हैं। यह इसलिए क्योंकि अब तक की जांच में यही मिला है कि मिठाई दुकानें, ना लाइसेंस डिस्प्ले को लेकर गंभीर हैं, ना मिठाइयों के निर्माण और अवसान की तारीख का प्रदर्शन ट्रे में कर रहीं हैं। इसलिए आगामी जांच के दौरान इन दोनों पर गंभीरता के साथ नजर रखने की योजना है।
दीप पर्व विदाई की बेला में है। इस दौरान प्रदेश भर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जो कार्रवाई की है, उसकी प्रारंभिक समीक्षा में कुल जमा सार यह मिला है कि न केवल निगरानी बढ़ानी होगी बल्कि संस्थानों को कड़ी हिदायत देनी होगी कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा।

इसलिए निर्माण और अवसान
मिठाइयों की ट्रे में संबंधित खाद्य सामग्री के निर्माण और बेस्ट बिफोर या एक्सपायरी डेट का उल्लेख करना, इसलिए अनिवार्य किया गया है क्योंकि इस नियम के लागू होने के पहले तक अखाद्य हो चुकी खाद्य सामग्री उपभोक्ताओं तक पहुंचती रही थी। नए नियम के प्रभावी होने के बाद उपभोक्ता को यह जानकारी हो सकेगी कि कौन सी मिठाई सही है? विपरीत परिस्थितियों में संबंधित संस्थान की जवाबदेही भी तय की जा सकेगी।
इसलिए लाइसेंस का डिस्प्ले
बगैर लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन या पंजीयन के कारोबार के भी मामले प्रकाश में आए हैं। जबकि प्रशासन ने संस्थानों में इसकी जरूरत को अहम माना था और डिस्प्ले को अनिवार्य किया गया । मामले भी बने हैं, जांच में ऐसी गड़बड़ियों पर, हिदायतें दी गई हैं। इसके बावजूद ऐसी अवांछित कारोबारी गतिविधियां न केवल जारी हैं बल्कि गंभीरता भी नहीं दिखाई दी जा रही है। लिहाजा अब न केवल सख्ती से जांच होगी बल्कि नियमों के मुताबिक कार्रवाई भी की जाएगी।

नहीं तो अवहेलना का मामला
प्रशासन से जैसे संकेत मिल रहे हैं, उस पर ध्यान दिया जाए, तो इन दोनों अहम जानकारियों का होना नहीं पाया गया तो भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के नियमों के तहत अवहेलना का मामला संबंधित संस्थान के खिलाफ बनाया जा सकता है। इसमें तगड़ा जुर्माना के साथ लाइसेंस सस्पेंड जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
नियमों का पालन अनिवार्य
लाइसेंस, पंजीयन या रजिस्ट्रेशन का डिस्प्ले अनिवार्य है। संस्थानों को भारतीय सुरक्षा मानक प्राधिकरण के नियमों के तहत मिठाई निर्माण, बेस्ट बिफोर और कालातीत अवधि बताना होगा।
– डॉ आर के शुक्ला, डिप्टी कमिश्नर, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, रायपुर
