शिक्षा विभाग के अफसरों की अमानवीय करतूत

तबादला नीति के पालन उठे सवाल

बिलासपुर। शिक्षा विभाग ने मानवता को दरकिनार कर इस तरह तबादला किया कि इसकी जद में अपना जीवन बचाने जद्दोजहद कर रहे डायलिसिस पर जीवन की गाड़ी आगे बढ़ा रहा दिव्यांग शिक्षक भी आ गया है। तबादला रोकने शिक्षक का एक मार्मिक विडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जिसके बाद शिक्षा विभाग की तबादला नीति और आला अफसरों का कार्य प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

सोशल मीडिया में वायरल वीडियो के मुताबिक 27 खोली निवासी दिव्यांग राजेंद्र शर्मा शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल सरकंडा बिलासपुर में पदस्थ हैं । वे विज्ञान विषय के शिक्षक हैं। राजेन्द्र का कहना है कि उनकी किडनी खराब हो चुकी है इसकी वजह से उन्हें सप्ताह में तीन दिन डायलिसिस करानी पड़ती है। इसके साथ ही हेपिटाइटिस सी से भी वे पीड़ित हैं। इसके बाद भी वे हर रोज नियमित स्कूल जाकर अध्यापन का कार्य पूरा करते हैं। अध्यापन के बाद ही अवकाश अवधि में अपना इलाज कराने के लिए अस्पताल जाते हैं । बीते दिनों शिक्षा विभाग  छत्तीसगढ़ शासन ने ट्रांसफर आदेश जारी किया है इसमें तबादला जांजगीर-चांपा जिले के दूरस्थ गांव सिवनी में कर दिया गया है।

सप्ताह में तीन दिन करानी पड़ती है डायलिसिस

विडियो में शिक्षक शर्मा बता रहे हैं कि उनका सभी अस्पताल में डायलिसिस नहीं हो सकता । सप्ताह में तीन दिन डायलिसिस करानी पड़ती  हैं। वे अध्यापन कार्य करने के बाद स्कूल की छुट्टी होने पर डायलिसिस कराने जाते हैं। दूसरे जिले के ऐसे ग्रामीण क्षेत्र जहाँ डायलिसिस की सुविधा नहीं है, तबादला होने से उनके जीवन पर संकट आ गया है।

दिव्यांगता के साथ ही 8 माह से है किडनी खराब


शिक्षक शर्मा ने बताया वे दिव्यांग भी है । किडनी खराब होने पर उन्हें बीते  8 माह से डायलिसिस करा के जीवन बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। बिलासपुर में ही उनका घर है।जांजगीर चांपा के दूरस्त गांव सिवनी में रहना और डायलिसिस के लिए बिलासपुर आना-जाना आना-जाना जोखिम भरा है।