भंडारण में रखें तापमान और नमी का ध्यान
बिलासपुर। उपयोग या सेवन के पहले ही धोएं सब्जी और फलों को। भंडारण के पूर्व कमरे और फ्रीज में तापमान, वायु संचार और नमी की मानक मात्रा की जांच करनी होगी अन्यथा बैक्टीरिया व फफूंद लग सकते हैं।
कटाई के बाद भी जीवित रहते हैं फल और सब्जियां। यह क्रिया पोषण और गुणवत्ता को घटाती है। केला-सेब और आलू- प्याज में यह क्रिया कुछ ज्यादा देखी जाती है। इसलिए फल-सब्जी वैज्ञानिकों ने भंडारण के दौरान इन्हें अलग- अलग रखने की सलाह दी है क्योंकि एक साथ रखे जाने के बाद बैक्टीरिया और फफूंद लगने लगते हैं।

इसलिए अलग रखें
केला और सेब। निकलती है एथिलीन गैस। दोनों का एक साथ रखा जाना आसपास रखे फलों और सब्जियों की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर डाल सकती है। यही स्थिति आलू और प्याज में भी होती है। यह दोनों एक साथ भंडार किए गए हैं तो करीब रखी हुई सब्जियों और फलों को खाद्य विषाक्तता की श्रेणी में ला सकती है। इसलिए इन्हें अलग-अलग रखने की सलाह दी जा रही है।

उपयोग से पहले धोएं
तुड़ाई के बाद भी सब्जी और फल जीवित रहते हैं। श्वसन प्रणाली की सक्रियता तुड़ाई के बाद गुणवत्ता और पोषण को घटाती है। यह क्रिया नमी को बनाए रखती है। धोकर रखने की क्रिया इनमें अतिरिक्त नमी बनाती है। यह नुकसानदेह साबित हो सकती है। इसलिए उपयोग या सेवन से पहले ही धोने की एडवाइजरी जारी की गई है।

सेल्फ लाइफ इनकी
अनुसंधान में उचित भंडारण की अवस्था में केला की सेल्फ लाइफ 2 से 7 दिन, सेब 1 से 4 सप्ताह तक, स्ट्रॉबेरी 3 से 7 दिन, अंगूर 15 दिन, संतरा और मौसंबी एक माह तक सुरक्षित रहने की जानकारी आई है। सब्जियों में आलू और प्याज की सेल्फ लाइफ 6 सप्ताह से कुछ अधिक होने का खुलासा हुआ है। गाजर और खीरा क्रमशः एक माह और एक सप्ताह तक सही रहते हैं। जबकि टमाटर की उम्र कटाई के बाद दो सप्ताह ही मानी जाती है।

ताजगी बनाए रखने का मंत्र
फल और सब्जियों की गुणवत्ता केवल उत्पादन पर नहीं, बल्कि सही भंडारण और उपयोग की आदतों पर भी निर्भर करती है। एथिलीन छोड़ने वाले फल, आलू और प्याज को अलग रखें तथा फल-सब्जियों को उपयोग से ठीक पहले ही धोएं। इससे उनकी ताजगी, पोषण और खाद्य सुरक्षा लंबे समय तक बनी रहती है।
अजीत विलियम्स, साइंटिस्ट (फॉरेस्ट्री), बीटीसी कॉलेज ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन, बिलासपुर