डेयरी संचालकों और पशुपालकों के छूटे पसीने
बिलासपुर। था 2500 रुपए ट्रॉली। है 5000 रुपए ट्रॉली। पैरा में बोली जा रही यह कीमत और बढ़ सकती है क्योंकि पशु आहार की उपलब्ध सभी किस्में बेतहाशा महंगी हो चली हैं। इसलिए पशुपालकों की मांग पैरा और पैरा काटी में निकलने लगी है।
सर्वत्र और आसान उपलब्धता नहीं रही पैरा में। डेयरी कारोबारी और पशुपालकों की खरीदी में हमेशा से पहले नंबर पर रहा पैरा में तेजी के बाद अब उपभोक्ता मांग कोढ़ा की ओर जा रही है लेकिन यहां भी जो कीमत कोढ़ा में बोली जा रही है, उससे क्रेता और विक्रेता हैरान हैं। संकेत और बढ़ोतरी के मिल रहे हैं।
पहली बार डबल
ज्यादा नहीं एक माह पहले तक डेयरियों एवं पशुपालकों ने 2500 रुपए ट्रॉली की दर पर पैरा की खरीदी की थी। अब यह रिकॉर्ड 5000 रुपए ट्रॉली पर पहुंच गया है क्योंकि पशु आहार की उपलब्ध सभी किस्मों की कीमत आसमान छूने लगी है लेकिन बोली जा रही कीमत और बढ़ सकती है इसलिए स्वीकार कर ली जा रही है 5000 रुपए प्रति ट्रॉली जैसी तेज कीमत। समानांतर में पैरा काटी 1000 रुपए क्विंटल जैसी ऊंचाई पर पहुंच चुकी है।

दो किस्में, दोनों गर्म
सामान्य कोढ़ा 1000 रूपए क्विंटल।पॉलिश कोढ़ा 1900 रुपए क्विंटल। दबाव में है बदरा गीला 400 से 450 रुपए क्विंटल और बदरा सूखा 800 रुपए क्विंटल पर क्योंकि कोढ़ा में तेजी के बाद बदरा में पशु आहार मिलों की मांग बढ़ रही है। पशुपालकों में अब इसकी खरीदी बढ़ते क्रम पर नजर आ रही है क्योंकि बोली जा रही कीमत क्रय शक्ति के भीतर ही मानी जा रही है।
तेज इसलिए सामान्य है खरीदी
अरहर पाउडर 2400 से 2500 रुपए क्विंटल, चना पाउडर 2900 से 3000 रुपए क्विंटल, मूंग पाउडर 2900 रूपए क्विंटल, उड़द 2400 से 2500 रुपए क्विंटल, पोहा पाउडर फर्स्ट ग्रेड 2050 से 2100 रुपए क्विंटल और सेकंड ग्रेड पोहा पाउडर 1700 से 1750 रुपए क्विंटल जैसी तेज कीमत पर पहुंच चुका है। चोकर में खरीदी सामान्य है क्योंकि इसमें भी 2500 से 2600 रुपए क्विंटल जैसी तेज कीमत बोली जा रही है।