उधर दीये जले इधर दिल … ?
क्या अब भी होगा महामाया देवी मंदिर ट्रस्ट का विरोध
अभी पखवाड़ा भर पहले ही तो राजनांदगांव के उद्योगपति बहादुर अली की कंपनी के तेल का मां महामाया देवी मंदिर रतनपुर बिलासपुर छत्तीसगढ़ में ज्योति कलश प्रज्ज्वलित करने का विरोध कथित हिंदू संगठनों ने किया था। वजह थी सामान्य सी घटना के दो पक्षों ं में हुई गाली-गलौज, धक्का-मुक्की से मारपीट तक पहुंच जाने की। जो रतनपुर स्थित महामाया मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार के पास घटित हुई थी। घटना में शामिल एक पक्ष विशेष वर्ग से था हालांकि कि दोनों पक्षों की राजनीतिक प्रतिबद्धता एक ही पार्टी से है। मामला थाने तक पहुंचा। रतनपुर थाना पुलिस ने तत्परता से दोनों पक्षों की सूचना पर दोनों पक्षों की तहरीर के अनुसार फौरी तौर पर सक्षम धाराओं के अनुरूप दोनों ही पक्षों के आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया। इसमें से एक पक्ष की गिरफ्तारी भी हुई जो अब जमानत पर छूट कर भी आ गए हैं। मामले को कुछ लोगों से साम्प्रदायिक रंग देकर जाति गत बता दिया था ।
इस मामले को लेकर कथित सर्व हिंदु समाज रतनपुर जिला बिलासपुर ( जैसा कि सौंपे ज्ञापन में लिखा था) के द्वारा श्री सिद्ध शक्तिपीठ श्री महामाया देवी मंदिर ट्रस्ट कार्यालय रतनपुर का घेराव कर तीन बिंदुओं का ज्ञापन सौंपा गया। इसमें मंदिर ट्रस्ट द्वारा दी गई नोटिस पर नाराज़गी जताई गई। इसके साथ ही ABIS कम्पनी के मालिक बहादुर अली का तेल खरीदने पर आपत्ति जताई गई थी। इसे हिंदु आस्था के साथ धोखाधड़ी बताया गया है। इस ज्ञापन के बाद नए विमर्श शुरू हो गए हैं कि विरोध मारपीट की घटना को लेकर था या फिर महामाया देवी मंदिर ट्रस्ट का ?
अब उसी बहादुर अली के तेल से महाकाल की नगरी उज्जैन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर देशभर में दीपोत्सव और सेवा-संकल्प अभियान के तहत मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में 33.27 लाख दीये प्रज्ज्वलित किए गए। उज्जैन की इस घटना को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। कार्तिक मेला मैदान में 9 लाख दीयों से मोदी का विशाल चित्र भी बनाया गया था। 6 घाटों से महाकाल लोक तक दीपोत्सव के तहत 3 मिनट में 33.27 लाख दीये जले प्रज्ज्वलित किए गए।
क्या है सोशल मीडिया पर प्रसारित विडियो का सच
राजनांदगांव के उद्योगपति बहादुर अली की ABIS कंपनी कंपनी के ही तेल से दीपों के प्रज्ज्वलित होने का दावा हम नहीं कर रहे और न ही अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि की गई है। सोशल मीडिया में प्रसारित विडियो और फोटो में ABIS कंपनी के पैकेजिंग वाले बाटल से दीयों में तेल डालते दिखाया गया है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि दीप प्रज्ज्वलित करने 25 हजार लीटर AB सोयाबीन के तेल का उपयोग किया जाएगा।
तो होगा मुख्यमंत्री का घेराव
इधर सिद्ध शक्तिपीठ श्री महामाया देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष आशीष सिंह ठाकुर के समक्ष कथित सर्व हिंदु समाज रतनपुर जिला बिलासपुर के मठाधीशों ने चालीस हजार हिन्दूओं की आस्था के नाम पर ABIS कंपनी के तेल से मनोकामना दीप प्रज्ज्वलित करने पर रोक लगाने की मांग की गई। ऐसे में अब देखना होगा कि कथित संगठन क्या मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से ABIS कंपनी के तेल से प्रधानमंत्री मंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर प्रज्ज्वलित दीयों अगर तेल का उपयोग किया गया है को लेकर इस्तीफ़े और तेल के उपयोग पर भी रोक लगाने की मांग करेगी।

ऐसे लूट रहे वाहवाही
सिद्ध शक्तिपीठ श्री महामाया देवी मंदिर ट्रस्ट रतनपुर द्वारा हर साल क्वांर और चैत्र नवरात्र में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा मनोकामना दीप प्रज्ज्वलित कराये जाते हैं। इसमें उपयोग किए जाने वाले तेल और घी की खरीदी के लिए निविदा आमंत्रित की जाती है। इसकी पहुंच ज्यादा लोगों तक हो सके इसके लिए अखबार में एक तय प्रारुप में विज्ञापन भी प्रकाशित कराया जाता है जो बीते कई सालों से हो रहा है। अगले महीने क्वांर नवरात्र का आयोजन होना है। इसकी तैयारी शुरु हो गई है। तेल खरीदने पहले की तरह अखबार में विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है। जिसे देख कर अब वाहवाही लूटी जा रही है।

सोशल मीडिया में ये भी प्रसारित
शहर के वाट्स ऐप ग्रुपों में इन दिनों सोशल मीडिया पर ये पोस्ट काफी प्रसारित होने की चर्चा है। जिला और पुलिस प्रशासन को प्रसारित ऐसे पोस्टों की सजगता से निगरानी करनी चाहिए और जरुरी कानूनी कार्रवाई भी करनी चाहिए। जिससे कि शहर का अमन चैन खराब न हो। वैसे भी अराजक तत्वों को कोशिश जारी है। ऐसी कोशिशों को जिसे शहर के हर खासों आम नाकाम कर ही देते हैं। उम्मीद है आगे भी ऐसा ही होता रहेगा।