बिलासपुर। नई पैकिंग कितने मिलीलीटर की होगी। प्रति पैकिंग की दरें क्या होगी? जैसे सवालों के बीच खुदरा बाजार अब सौदे से पीछे हट रहा है। प्रतीक्षा कर रहा है अक्टूबर माह की जब नई पैकिंग, नई दर की सूचना के साथ खाद्य तेल नजर आएगा।
वजन घटाकर, कीमत बढ़ाने का खेल अब खाद्य तेल उत्पादकों पर भारी पड़ने जा रहा है। सरकार के सख्त फरमान के बाद खाद्य तेल उत्पादन करने वाली इकाइयां पुरानी पैकिंग में खाद्य तेलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी में हैं लेकिन वजन और कीमत को लेकर जो संशय बना हुआ है उसने खुदरा बाजार को अग्रिम खरीदी से खुद को रोकने के फैसले लेने के लिए विवश कर दिया है।

स्थिर है उपभोक्ता मांग
खाद्य तेलों का सीजन चालू हो चुका है। तीज, गणेश उत्सव, नवरात्रि फिर दीपावली। यह प्रमुख पर्व खाद्य तेलों की भरपूर मांग के लिए जाने जाते हैं लेकिन उपभोक्ता खाद्य तेलों की खरीदी में जैसी सतर्कता बरत रहे हैं उसके बाद खुदरा और थोक बाजार ने भी अतिरिक्त भंडारण जैसी योजना से खुद को अलग कर दिया है। सुधार की उम्मीद अब अक्टूबर से ही है, जब नई पैकिंग और नई दर सामने आएंगी।
इनकी खरीदी पूर्णता की ओर
11 अक्टूबर से नवरात्रि। ज्योति कलश के लिए देवी मंदिरों की खरीदी तेलों में अब पूर्णता की ओर है। ग्रामीण क्षेत्र की देवी मंदिरों में अलबत्ता खरीदी का क्रम जारी है लेकिन उत्साहजनक नहीं मान रहा है तेल बाजार। इसलिए भी तेलों में अग्रिम सौदे नहीं किये जा रहे हैं। प्रतीक्षा है अक्टूबर माह की जब नई पैकिंग और नई दरें खाद्य तेल उत्पादक कंपनियां जारी करेंगी।

फिलहाल ऐसा है बाजार
600, 800 और 900 मिलीलीटर की पैकिंग खाद्य तेलों में फिलहाल खुदरा बाजार में उपलब्ध है। जो कीमत बताई जा रही है, उसके मुताबिक राइस ब्राॅन 140 से 160 रुपए, सोयाबीन 153 से 160 रुपए, फल्ली तेल 190 से 210 रुपए, सरसों तेल 180 से 185 रुपए और दीया जलाने वाला तेल 130 से 140 रुपए प्रति पैकिंग में उपलब्ध है फिर भी उपभोक्ता मांग स्थिर है।