बिलासपुर। बढ़ गए दाम मिट्टी के दीये के। कदमताल मिला रहा है वह ‘होमाही’ जिसमें 10 रुपए की बढ़ोतरी हो चुकी है। शांत है बड़ा दीया जिसमें भक्तों की मांग नहीं के बराबर है। मिट्टी के ज्योति कलश के सेट की खरीदी पर इस बार देवी मंदिरों को 100 रुपए ज्यादा देने होंगे।
बेहतर मांग की संभावना थी मिट्टी के दीयों में।’होमाही’ कम ही बनाए गए लेकिन उच्च गुणवत्ता वाली मिट्टी की कीमत इस बार कुम्हारों को ज्यादा देनी पड़ी। असर तेज कीमत की वजह से कमजोर मांग के रूप में सामने आ खड़ा हुआ है।

दीया 20 से 30 रुपए महंगा
नवरात्रि से दीपावली के बीच की अवधि में खूब बिकते हैं मिट्टी के दीये लेकिन तैयार दीयों की पहली खेप को जैसा प्रतिसाद मिल रहा है उसे देखकर कुम्हारों को दीपावली की तैयारी धीमी करनी पड़ रही है क्योंकि निर्माण लागत बढ़ने से इस बरस प्रति सैकड़ा कीमत 100 से 150 रुपए पहुंची हुई है जबकि बीते बरस यह 80 से 120 रुपए सैकड़ा पर था।
शांत है ‘होमाही’
मंदिर एवं घरों के पूजा घरों में होना अनिवार्य माना जाता है ‘होमाही’ का लेकिन इसमें भी मांग बेहद कमजोर है क्योंकि प्रति नग कीमत 30 से 60 रुपए पर जा पहुंची है। बीती दीपावली में मंदिरों एवं पूजा घरों में इसकी पहुंच 20 से 40 रुपए नग में हुई थी। अब बेहतर की संभावना कम ही है क्योंकि रुझान हताश करने वाला है।

रुझान उत्साह बढ़ाने वाला
ज्योति कलश का सेट और बड़ा दीया। कीमत इन दोनों की भी बढ़ गई है लेकिन ज्योति कलश की स्थापना को लेकर जैसा उत्साह भक्तों में बढ़ा हुआ है उससे कुम्हार भी उत्साहित हैं। कीमत प्रति सेट 100 रुपए की वृद्धि के बाद भले ही 500 से 700 रुपए पर पहुंची हुई हो लेकिन यह बढ़ोतरी स्वीकार कर रहीं हैं मंदिर प्रबंधन समितियां। मिट्टी का बड़ा दीया 20, 30, 40 और 50 रुपए पर मजबूत है।