भाटापारा । 50 से 100 रुपए की टूट के बावजूद अंडे में मंदी की धारणा अभी भी बनी हुई है। उपभोक्ता मांग में आ रही गिरावट कम से कम एक माह तक बनी रहेगी।
पोल्ट्री फार्म संचालक अब फास्ट फूड काउंटरों से संपर्क बढ़ा रहे हैं ताकि गिरती मांग को रोका जा सके। प्रयास में सफलता इसलिए नहीं मिल रही है क्योंकि एक महीने का ऑफ सीजन चालू हो चुका है। प्रति सैकड़ा कीमत कम करने जैसे उपाय भी काम नहीं आ रहे हैं।
600 से 650 रुपए
ऑफ सीजन में इस समय 600 से 650 रुपए सैकड़ा जैसे कीमत पर आने के बावजूद इसमें कम से कम 100 रुपए की टूट की आशंका है क्योंकि खुदरा बाजार में मांग नहीं है। इसलिए पोल्ट्री फार्म संचालक फास्ट फूड काउंटरों से संपर्क साध रहे हैं। लेकिन अपेक्षित मांग का अभाव अभी भी बना हुआ है इसलिए प्रति सैकड़ा कीमत में 100 रुपए की और टूट की आशंका है।

अंतर जिला मांग में भी कमी
बिलासपुर, रायपुर के साथ पड़ोसी दुर्ग और मुंगेली जिलों की कस्बाई मांग में भी जबरदस्त गिरावट आ रही है। इसलिए पोल्ट्री संचालन के दीगर कामकाज में ध्यान बढ़ाने जाने की खबर है ताकि सितंबर से शुरू होने वाले सीजन की तैयारी समय पूर्व की जा सके। इसमें आहार भंडारण के साथ नई मांग क्षेत्र की खोज जैसे काम मुख्य हैं।
संकट में पोल्ट्री फार्म
चार पोल्ट्री फार्म। रोज 1 लाख अंडे का उत्पादन। कमजोर मांग के बीच नए बाजार की खोज तो की जा रही है लेकिन सफलता अभी भी दूर है। लिहाजा विकल्प की तलाश में हैं पोल्ट्री फार्म संचालक। राहत उन स्ट्रीट एग, एग रोल और आमलेट काउंटरों से मिल रही है,जहां अंडों की डिमांड पूर्ववत स्तर पर बनी हुई है।