साजा और नवागढ़ में फूड एंड सेफ्टी की दबिश
बेमेतरा। परीक्षण में यदि परिणाम प्रतिकूल मिले, तो योगराज और हरिओम को जवाब देते नहीं बनेगा। कुछ ऐसा ही वैष्णवी और लक्ष्मी के साथ भी हो सकता है। मुकेश की धड़कन बढ़ी हुई है क्योंकि संदेह के घेरे में वह भी है।
जैसी सक्रियता इस बार खाद्य एवं औषधि प्रशासन दिखा रहा है, उसे देखकर खाद्य सामग्री बाजार हैरत में है क्योंकि लीक से हट कर हो रही कार्रवाई में तमाम तरह की गलतियां मिल रहीं हैं। चेताया था, समय के पहले ही कि नियमों का पालन अनिवार्य है। इसके बावजूद अवांछित व्यापारिक गतिविधियां लगातार जारी हैं।
इसलिए साजा में
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की नजर साजा की संस्थानों में इसलिए थी क्योंकि शिकायत लगातार मिल रही थी। यहां हरिओम जोधपुर स्वीट्स जाना पहचाना नाम है। टीम ने मिल्क केक का सैंपल लिया है। वैष्णवी स्वीट्स से कलाकंद और योगराज स्वीट्स से बर्फी की सैंपलिंग की गई है।
नवागढ़ में बेसन
नमकीन और मीठा में बेसन का उपयोग बड़ी मात्रा में होता है। निर्माण की इस पहली सामग्री को संदेहास्पद पाते हुए मुकेश किराना से बेसन का सैंपल लिया गया है। नवागढ़ की ही लक्ष्मी जोधपुर स्वीट्स से कलाकंद और विजय होटल से पेड़ा का सैंपल लिया जाकर परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है।
पेपर में नाश्ता अस्वीकार्य
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले की खाद्य सामग्री बेचने वाली संस्थानों से कहा है कि अखाद्य रंग के उपयोग से दूरी बनाएं साथ ही होटलों को चेतावनी दी है कि प्रिंटिंग पेपर में नाश्ता नहीं दें। जांच में ऐसा होता पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
नवागढ़ और साजा की 6 संस्थानों से जो सैंपल लिए गए हैं उन्हें परीक्षण के लिए स्टेट लैबोरेट्री भेजा जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-रोशन वर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, बेमेतरा
