- 1० बिन्दुओं में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से लिखित शिकायत की हितग्राहियों और जनप्रतिनिधियों से दुर्वेवहार का लगाया आरोप
बिलासपुर। महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को हटाने के लिए जिला पंचायत के सभापति मीनू यादव ने 1० बिन्दुओं में मुख्यमंत्री भूपेश बघ्ोल से लिखित शिकायत की है।
शिकायत में सभापति मीनू यादव ने कहा है जिला पंचायत बिलासपुर के महिला एंव बाल विकास विभाग की सभापति होने के नाते मेरे द्बारा समय-समय पर बैठक आयोजित करने एवम आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने हेतु सुरेश सिंह ठाकुर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एंव बाल विकास विभाग बिलासपुर को निर्देशित किया जाता है लेकिन उनके द्बारा न तो समय पर बैठक आहूत की जाती है न ही जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में विभाग की प्रगति प्रतिवेदन और शासन के द्बारा चलाएं जा रहें योजनाओं की जानकारी जनप्रतिनीधियों को नहीं मिल पाती जिसके कारण क्षेत्र में योजनाओं का लाभ लोगो को नहीं मिल पा रह है। ऐसे अधिकारी के होते हुए शासन की महत्वकांक्षी योजनाओं का बंदरबाट हो रहा है। कई लोगो की शिकायत है कि जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेश सिंह ठाकुर कई योजनाओं में गड़बड़ी कर रहा है। साथ ही जनप्रतिनिधियों से दुर्व्यवहार कर रहा है। ऐसे में इस अधिकारी के होते हुए जिले में महिला एंव बाल विकास विभाग के महत्वकांक्षी योजना का लाभ जिले के हितग्राहियों को नहीं मिल पाएगा ऐसे में जिला कार्यक्रम अधिकारी का तबादला करना अत्यंत आवश्यक है। ताकि शासन के योजनाओं का लाभ जिले में मिल सकें।
-० 1० बिन्दुओं में सीएम से की शिकायत
1 विगत छह माह से जिला पंचायत के महिला एंव बाल विकास विभाग की बैठक आहूत करने हेतु निर्देशित करने के बाद भी बैठक नहीं बुलाया गया।
2 सुरेश सिंह को निम्न जानकारी उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया था जो आज परियंत नहीं उपलब्ध कराया गया :-
1- रेडी टू ईट चलाने वाले स्व.सहायत समूहो सूची
2- पैष्टिक आहार वितरण की जानकारी
3- टीकाकरण की जानकारी
4- महिला एंव बाल विकास विभाग द्बारा संचालित योजनाओं के दिशा निर्देश की प्रति एंव प्रगति प्रतिवेदन
5- जिले के लिए स्वीकृत पर्यवेक्षक, कार्यकता एंव सहायिकाओं के पदों की जानकारी तथा उसके विरूद्ध कार्यरत अधिकारियों कर्मचारियों की जानकारी।
6- जिले में संचाललित कुल आंगनबाड़ी की संख्या, मरम्मत योग्य जर्जर भवनों की सूची
7-महिला एंव बाल विकास विभाग के समस्त विभागिय कार्यों की समीक्षा हेतु एजेंडा प्रस्तुत करन्ो हेतु निर्देशित
करने के बाद भी नहीं रखा गया।
8- ०1/12/2०2० को महिला एंव बाल विकास विभाग के स्थाई समीती की प्रथम बैठक आहुत की गई थी। जिसमें एक मात्र सुरेश सिंह उपस्थित हुए थ्ो अन्य परियोजना अधिकारी और न ही उनके प्रतिनिधी उपस्थित हुए थ्ो। जो हमारी घोर अपमान का विषय है।
9- सुरेश सिंह के द्बारा कहा जाता है जो भी जानकारी चाहिए मैं ही दूगा अन्य कोई परियोजना अधिकारी नहीं देगें, और ना ही उन्हें ब्ौठक में आने की आवश्कता है।
1०- सुरेश सिंह जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एंव बाल विकास विभाग लगभग 1० वर्षों से जमें हुए है। लगातार जनप्रतिनिधियों के निर्देशों की अवहेलना करते हुए दुर्व्यवहार किया जाता है। जिसके कारण हम अपमानित होते रहते है। तथा हमारे विभाग से संबंधित कार्यों की जानकारी प्रगति आदि भी उपलब्ध नहीं होता।
