75 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भी, करता है पावर ट्रांसफॉर्मर काम
सिटी और रूरल एरिया के ट्रांसफार्मरों की हो रही निगरानी
भाटापारा। 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाता पारा। सब-स्टेशनों के पावर ट्रांसफार्मर कड़ी निगरानी में। यहां तैनात स्टाफ अलर्ट पर। ऐसी ही व्यवस्था सिटी और रूरल एरिया में भी की जा चुकी है। यहां के फील्ड स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अपने क्षेत्र के ट्रांसफार्मर पर नजर रखें। लोड बढ़ने पर इनके गर्म होने के पहले, जरूरी सुरक्षा उपाय करें ताकि बिजली आपूर्ति सामान्य बनी रहे।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल भाटापारा संभाग की नजर, तेज धूप के बाद बढ़ती गर्मी पर बनी हुई है। पावर और कॉमन ट्रांसफार्मर पर इस गर्मी का असर दिखाई दे सकता है। इसलिए फील्ड स्टाफ अलर्ट पर है तो ऑफिस स्टाफ को मॉनिटरिंग का जिम्मा दिया गया है ताकि शिकायत पर फौरन कदम उठाया जा सके। इसके अलावा उच्च अधिकारी भी नियमित रूप से मैदानी अमले के संपर्क में बने हुए हैं। कड़ी व्यवस्था का असर निर्बाध आपूर्ति के रूप में नजर आ रहा है। कहीं बाधा आ रही है, तो उसे दूर भी तत्काल किया जा रहा है।
जानिए पावर ट्रांसफार्मर को
सब-स्टेशनों में लगे पावर ट्रांसफार्मर में उच्च तापमान पर भी काम करने की क्षमता होती है। इनमें लगे रेडिएटर, लोड और तापमान बढ़ने की स्थिति में ट्रांसफार्मर के तापमान को नियंत्रण में रखने का काम करते हैं। हाई कैपेसिटी वाले यह पावर ट्रांसफार्मर 75 डिग्री सेल्सियस टेंपरेचर को भी सहने की क्षमता रखते हैं। बाद की स्थितियों में इसे कूलर लगाकर ठंडा किया जा सकता है। बताते चलें कि ऐसे ट्रांसफार्मरों में टेंपरेचर मीटर लगे होते हैं, जिनके जरिए तापमान की स्थिति की जानकारी मिलती रहती है।
कॉमन ट्रांसफार्मर में भी
उच्च दाब क्षमता वाले कॉमन ट्रांसफार्मरों में भी रेडिएटर की सुविधा आने लगी है। अपने शहर में लगे लगभग सभी कॉमन ट्रांसफार्मरों में रेडिएटर लगे हुए हैं। जिनकी मदद से ट्रांसफार्मरों का तापमान नियंत्रित करने में मदद मिल रही है। लिहाजा अभी तक संकट या दीर्घ अवधि तक बिजली आपूर्ति में बाधा जैसी समस्या सामने नहीं आई है। फिर भी स्टाफ अलर्ट पर है।
शिकायत पर फौरन काम
रबी फसल की कटाई हो चुकी है। वैसे भी इस बार धान की खेती का रकबा बेहद कम है। लिहाजा सिंचाई पंप लगभग बंद हैं लेकिन बढ़ती गर्मी से बचने के लिए पंखे, कूलर और एसी चल रहे हैं। ऐसे में बिजली की मांग बढ़ी हुई है, इसलिए पावर कट की स्थिति में किए जा रहे कंप्लेंट पर फौरन ध्यान दिया जा कर शिकायत दूर की जा रही है। नया बदलाव यह देखा जा रहा है कि शिकायत दूर हुई या नहीं ? इसकी जानकारी भी उपभोक्ताओं से ली जा रही है।
ट्रांसफार्मरों की सतत मॉनिटरिंग
पावर और कॉमन ट्रांसफार्मरों पर लगातार नजर रखी जा रही है। शिकायत मिलने पर फील्ड स्टाफ को जरूरी दिशा-निर्देश भी तत्काल दिए जा रहे हैं।
- जी पी अनंत, ईई, भाटापारा संभाग, छग राज्य विद्युत वितरण कंपनी, भाटापारा

