खाद्य एवं अखाद्य सामग्री के बीच रखनी होगी मानक दूरी

परिवहन, भंडारण और विपणन में नियम समान रूप से प्रभावी

बिलासपुर। किराना दुकानों में अब एडिबल और नॉन एडिबल प्रोडक्ट के भंडारण व प्रदर्शन के बीच मानक दूरी रखनी होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के आदेश के बाद, अब प्रदेश स्तर पर जांच की तैयारी की योजना बनाई जा रही है।

खाद्य एवं अखाद्य पदार्थ के परिवहन, भंडारण और विक्रय में जिस तरह की लापरवाही बरती जा रही है, उसे स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जा रहा है। लगातार छापे, जांच और कार्रवाई के बावजूद, जिस बेफिक्री से यह क्षेत्र काम कर रहा है, वह अब किसी भी दिन भारी पड़ सकती है क्योंकि खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने ऐसी अवांछित गतिविधियों पर रोक के लिए विशेष कार्य योजना बनाने के संकेत दिए हैं।

इन्हें रखना होगा दूर

साबुन, सोडा, वाशिंग पाउडर, पेस्ट, डिटॉल ,फिनाइल, एसेंस, फूड कलर, हेयर ऑयल, हेयर कलर ,शैंपू, ग्लिसरीन, वैसलीन, अगरबत्ती ,इत्र, सेंट और स्प्रे सहित ऐसी कई सामग्रियां हैं, जो नॉन एडिबल हैं और इन्हें किराना दुकानों से भी विक्रय किया जाता है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने इनके भंडारण और विक्रय की शैली को नियम विरुद्ध माना है। लिहाजा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के मुताबिक खाद्य सामग्री से, मानक दूरी पर इनका भंडारण, प्रदर्शन और विक्रय करना होगा।

इसलिए जरूरी मानक दूरी

सीजन और महामारी के दौरान खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जब सूक्ष्मता के साथ जांच की, तब यह पाया कि नॉन एडिबल प्रोडक्ट में कई ऐसी भी सामग्रियां हैं जो खुले में बेची जातीं हैं। रख-रखाव का तरीका सही नहीं होने से यह सामग्रियां एक दूसरे पर गिरतीं हैं। जिसकी वजह से खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। खासकर लूज में मिलने वाले वॉशिंग पाउडर में यह शिकायत सबसे ज्यादा देखने में आ रही है।

यह भी असुरक्षित

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने नमक के भंडारण के तरीके को लेकर गंभीर चिंता जताई है। कहा है कि संस्थान के बाहर खुले में रखी हुई नमक की बोरियां धूप, धूल और मौसम की प्रतिकूलता की वजह से खराब गुणवत्ता की कारक बन सकतीं हैं। भंडारण की इस प्रक्रिया को सिरे से, नियम विरुद्ध मानते हुए संस्थानों को एडवाइजरी जारी की गई है कि वे गंभीर गलतियों को फौरन सुधारें। जांच के दौरान इन्हें व्यवस्थित जगह पर नहीं पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जांच के निर्देश जारी

खाद्य एवं अखाद्य पदार्थ के उत्पादन से लेकर विक्रय तक की प्रक्रिया में दोनों के बीच मानक दूरी के पालन के नियम हैं। विक्रय के दौरान इस नियम का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इसलिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इसकी जांच के निर्देश दिए जा चुके हैं।

  • डॉ आर के शुक्ला, असिस्टेंट कमिश्नर, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, रायपुर